बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बहेला पुलिस ने 12 साल से फरार चल रहे आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गठित पांच पुलिस टीमों ने अलग-अलग राज्यों में करीब 5000 किलोमीटर तक तलाश की, जिसके बाद उसे पकड़ने में सफलता मिली। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।पुलिस के अनुसार आरोपी का असली नाम अनिल डहारे है, जो बालाघाट जिले के ग्राम डोगरगांव का निवासी है। वर्ष 2011 में उसके खिलाफ थाना बहेला में नकली बंदूक दिखाकर मोबाइल और नगदी लूटने का मामला दर्ज हुआ था। इसके अलावा एक अन्य मामले में धारा 307 और एससी/एसटी एक्ट के तहत न्यायालय ने उसे 7 साल की सजा भी सुनाई थी। बताया गया कि वर्ष 2015 से आरोपी न्यायालय में पेशी के लिए उपस्थित नहीं हुआ और लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई राज्यों में तकनीकी विश्लेषण और लगातार जांच की। इस दौरान करीब 40 से अधिक परिचितों, दोस्तों और रिश्तेदारों से पूछताछ की गई, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी केरल के कोझीकोड में मनीष नाम से मजदूरी कर रहा है। वहीं कुछ मजदूरों ने बताया कि वह खुद को बिहार के मधुबनी का रहने वाला बताता है। बाद में पता चला कि उसने अपना नाम बदलकर मो. सद्दाम हुसैन रख लिया और मधुबनी की एक मुस्लिम युवती से शादी भी कर ली।आगे की जांच में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी दिल्ली में काम कर रहा है। पुलिस टीम ने दिल्ली पहुंचकर उसके कार्यस्थल पर पूछताछ की, जहां मैनेजर ने बताया कि वह “सद्दाम हुसैन” नाम से अपने परिवार के साथ रह रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसकी असली पहचान अनिल डहारे के रूप में पुष्टि की गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान ग्रामवासियों, परिजनों और लूट के मामले के फरियादी पुरन टाडेकर से कराई, जिन्होंने उसे अनिल डहारे के रूप में पहचान लिया।