रमजान के चौथे जुम्मे पर जामा मस्जिद में अदा हुई नमाज, देश-दुनिया में अमन की दुआ
झालावाड़ जिले के मनोहरथाना कस्बे में भी
रमजान मुबारक के आखिरी अशरे में शुक्रवार को रमजान के चौथे जुम्मे की नमाज अदा करने के लिए मनोहरथाना की जामा मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। नगर सहित आसपास के गांवों से भी बड़ी तादाद में लोग जामा मस्जिद पहुंचे और पूरी अकीदत के साथ जुमे की नमाज अदा की।
मौलाना अशरफ साहब ने नमाज से पहले अपने बयान में रमजान के आखिरी अशरे की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रमजान का अंतिम अशरा जहन्नम से निजात का अशरा होता है। इस दौरान हमें आपस के झगड़े-फसाद और नफरत को खत्म कर एक-दूसरे को माफ करना चाहिए तथा खुदा की बारगाह में अपने गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला रमजान के हर दिन लोगों को जहन्नम से आजाद फरमाता है। इसलिए इस मुकद्दस महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत कर अल्लाह की रहमत हासिल करनी चाहिए।
नमाज के बाद सभी लोगों ने मिलकर देश-दुनिया में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। खास तौर पर हिंदुस्तान में आपसी सौहार्द, तरक्की और शांति बनाए रखने की कामना की गई।

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