भोपाल में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने साफ निर्देश दिए हैं कि गड़बड़ी करने वाली गैस एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए—जरूरत पड़ने पर उनका लाइसेंस तक रद्द किया जाए।

जमाखोरों पर सख्ती, लाइसेंस रद्द तक की चेतावनी

मंत्रालय में आयोजित पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और पीएनजी कनेक्शन की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी और कालाबाजारी में शामिल लोगों पर कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार एजेंसियां खुद मुनाफे के लिए अपने कर्मचारियों से कालाबाजारी करवाती हैं, ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।बैठक में प्रदेशभर के कलेक्टर वर्चुअली शामिल हुए और उन्हें निर्देश दिए गए कि वे प्रतिदिन मॉनिटरिंग करें और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अब तक की कार्रवाई: हजारों सिलेंडर जब्त

खाद्य विभाग के अनुसार अब तक:

  • 3,029 गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं
  • 2,759 स्थानों पर छापेमारी की गई
  • 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं

सरकार का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और ऑयल कंपनियों के डिपो से लगातार सप्लाई जारी है।

पीएनजी कनेक्शन पर फोकस, 3 महीने का लक्ष्य

राज्य सरकार अब पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) के विस्तार पर भी तेजी से काम कर रही है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:

  • गैस पाइपलाइन के आवेदनों को 24 घंटे में डीम्ड अप्रूवल दिया जाए
  • एजेंसियों को जरूरत के अनुसार स्टाफ उपलब्ध कराया जाए
  • कॉलोनियों में कैंप लगाकर कनेक्शन दिए जाएं
  • बंद पड़े कनेक्शनों को दोबारा शुरू किया जाए

लक्ष्य है कि अगले 3 महीनों में अधिकतम घरों तक पाइप से गैस पहुंचाई जाए।

एलपीजी आवंटन बढ़ा, उद्योगों को भी राहत

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि:

  • प्रदेश को 10% अतिरिक्त एलपीजी आवंटन मिल चुका है
  • 27 मार्च 2026 को केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का 20% अतिरिक्त आवंटन उद्योगों (स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल्स आदि) के लिए किया है

इसके अलावा, केरोसीन आवंटन और प्रत्येक जिले में दो नए पेट्रोल पंपों के आकलन की प्रक्रिया भी जारी है। केरोसीन का वितरण मांग के अनुसार किया जाएगा।

सरकार का स्पष्ट संदेश है—आम जनता को राहत और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ा प्रहार। अब निगरानी और सख्त कार्रवाई के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि गैस की उपलब्धता सुचारु रहे और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।