उज्जैन जिले में जावरा एक्सेस कंट्रोल ग्रीन फील्ड हाईवे को लेकर प्रभावित किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। सरकार द्वारा लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की लागत से जावरा से उज्जैन तक एक्सेस कंट्रोल ग्रीन फील्ड हाईवे का निर्माण किया जा रहा है, जिसका 62 गांवों के सैकड़ों किसान विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यह परियोजना उनकी जमीन, आजीविका और भविष्य को प्रभावित कर रही है, लेकिन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।इसी क्रम में आज बड़ी संख्या में प्रभावित किसान भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। किसानों ने काफी देर तक कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन प्रारंभ में कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इससे नाराज़ किसानों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। बाद में सूचना मिलने पर कार्यालय मंत्री मौके पर पहुंचे और किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया।प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि हाईवे की ऊंचाई अधिक होने से उनके खेतों में जलभराव और आवागमन की समस्या उत्पन्न होगी। साथ ही किसानों ने मांग की कि अधिग्रहित की जा रही जमीन का मुआवजा वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार दिया जाए। किसानों का आरोप है कि वर्तमान मुआवजा दर उनके साथ अन्याय है।किसानों ने शासन और प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे। प्रदर्शन के दौरान किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला और उन्होंने सरकार से जल्द समाधान की मांग की।