नागदा जं. (निप्र)। फरसपुरा ग्राम पंचायत में सिप्ला फाउंडेशन एवं बाएफ लाइवलीहुड्स के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘प्रोजेक्ट जलधारा’ के अंतर्गत एक दिवसीय उच्चस्तरीय भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुंबई से पधारे सिप्ला फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री एस. राधाकृष्णन, सीएसआर प्रमुख अनुराग मिश्रा, ऑपरेशनल प्रमुख जैन जैकब, सीएसआर मैनेजर महेश सोमानी तथा बाएफ लाइवलीहुड्स के रीजनल डायरेक्टर (पश्चिम) डॉ. रविराज जाधव, मध्यप्रदेश राज्य प्रमुख पवन पाटीदार एवं टीपीई (एनआरएम) विलास पाटील ने परियोजना क्षेत्र का स्थलीय अवलोकन किया।भ्रमण की शुरुआत प्रोजेक्ट कार्यालय से हुई, जहाँ सूचना पटल, ज्ञानवर्धक सामग्री एवं प्रगति विवरण के माध्यम से परियोजना की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर श्री जे. एल. पाटीदार ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि परियोजना के माध्यम से विभिन्न मृदा एवं जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर क्षेत्र में जल संभाव्यता को सशक्त बनाया गया है।परियोजना के सकारात्मक परिणामस्वरूप सिंचित क्षेत्र में वृद्धि, भू-जल स्तर में सुधार तथा किसानों द्वारा सब्जी एवं नकदी फसलों की खेती प्रारंभ हुई है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही, ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन की स्थापना से किसानों को मौसम आधारित कृषि सलाह उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिला है।भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने सिमराली ग्राम के बड़े तालाब में किए गए डिसिल्टेशन कार्य का अवलोकन किया। किसानों ने बताया कि इस कार्य से 40 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं तथा वर्तमान वर्ष में तालाब के माध्यम से 320 एकड़ से अधिक क्षेत्र में सिंचाई संभव हो पाई है। पहली बार ड्रिप पद्धति से डॉलर चने की खेती बड़े स्तर पर की जा रही है। तालाब से निकली उपजाऊ मिट्टी खेतों में डालने से फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि हुई है।इसके पश्चात मसीदपुरा की पहाड़ी पर ‘रिज टू वैली’ अवधारणा के अंतर्गत किए गए उपचार कार्यों का अवलोकन किया गया। तैयार ट्रीटमेंट मैप के माध्यम से सभी संरचनाओं की जानकारी दी गई। तालाबपुरा ग्राम में समुदाय के साथ बैठक आयोजित की गई, जहाँ ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-मांदल के साथ अतिथियों का स्वागत किया।समापन अवसर पर सिप्ला फाउंडेशन के ट्रस्टी श्री एस. राधाकृष्णन ने सिप्ला की सीएसआर टीम एवं बाएफ लाइवलीहुड्स के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रोजेक्ट जलधारा को जल संरक्षण एवं ग्रामीण आजीविका संवर्धन का अनुकरणीय मॉडल बताया।इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर जे. एल. पाटीदार, इंजीनियर हरिओम पटेल, कृषि अधिकारी पुरुषोत्तम मीना, सामुदायिक अधिकारी आयुषी त्रिवेदी, डी. एन. बैरागी, पथ-प्रदर्शक भीम सिंह डिंडोरे, सुनील, भरत कटारे, प्रवीण, ग्राम पंचायत के पंच मांगीलाल डिंडोरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।