नेपाल में चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज, आरपीपी ने जारी किया घोषणा-पत्र
काठमांडू। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसे लेकर सभी पार्टियां अपने-अपने वादे कर रही हैं। नेपाल की राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने नेपाल में राजतंत्र की वापसी की मांग मेनिफेस्टो के जरिए उठाई है। अपने चुनावी घोषणा-पत्र में पार्टी ने ‘पृथ्वी पथ’ को राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया है। इसमें सेक्युलरिज्म को खारिज कर ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की बात कही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष राजेंद्र लिंगदेन ने काठमांडू में पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में घोषणा-पत्र पेश किया, जिसमें नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने, राजतंत्र की बहाली, प्रांतीय संरचना को समाप्त कर दो-स्तरीय शासन अपनाने, चुनावी सुधार और अच्छे शासन पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने 5 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए इस घोषणा-पत्र को तैयार किया है, जिसमें आर्थिक परिवर्तन के 6 स्तंभों वाले मॉडल को नेपाल की समृद्धि का आधार बताया है।
पार्टी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, स्थानीय क्षेत्रों को स्वतंत्र बनाने और ‘पृथ्वी पथ’ को शासन की भावी दिशा के रूप में अपनाया है। घोषणा-पत्र में राजनीतिक स्थिरता, सुशासन, आर्थिक सुधार और सामाजिक न्याय के जरिए समृद्धि को बढ़ावा देने पर फोकस है। इसके अलावा पूर्व-पश्चिम महेंद्र राजमार्ग को तीन सालों में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और अगले 10 सालों को ऊर्जा उत्पादन का दशक घोषित करने का वादा किया है। जीरो टॉलरेंस की नीति और अच्छे शासन के प्रस्ताव में ‘हम कुचले जाएंगे, भ्रष्ट नहीं होंगे’ का आक्रामक नारा शामिल किया है। भ्रष्टाचार से लड़ने के इस वादे को अमल में लाने के लिए, पार्टी ने 1990 के बाद बड़े नेताओं और कर्मचारियों की संपत्ति की जांच करने और गैर-कानूनी संपत्ति जब्त करने के लिए कानूनी व्यवस्था का प्रस्ताव रखा है। इसने जाति भेदभाव और छुआछूत समेत सभी तरह के धार्मिक भेदभाव को अपराध बनाने का प्रण भी शामिल है। पार्टी का दावा है कि उसका विजन नेपाल में सभी धार्मिक समुदायों के सम्मान की रक्षा करना है, ताकि आजादी पक्की हो सके।

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