वनांचल क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर
खरगोन जिले के भगवानपुरा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में आज भी ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। पहाड़ी इलाकों में जलसंकट की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। ग्रामीणों को काफी मशक्कत के बाद जो पानी मिलता है, वह भी मटमैला और गंदा होता है।वनग्राम पीपलझोपा के दामखेड़ी गांव में हालात और भी खराब हैं। यहां पिछला फाल्या के लगभग दस परिवार कुएं का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। सुबह होते ही महिला, पुरुष और बच्चे पानी की तलाश में जुट जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा दो कुएं खुदवाए गए थे, लेकिन दोनों अधूरे छोड़ दिए गए। बाद में फाल्या के ग्रामीणों ने आपसी चंदा एकत्र कर एक कुएं को पूरा कराया, तब कहीं जाकर पानी की व्यवस्था हो सकी।ग्रामीण गुदिया और मदन ने बताया कि आज भी उन्हें गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। क्षेत्र में न तो पाइपलाइन बिछाई गई है और न ही कुओं की नियमित साफ-सफाई होती है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना का लाभ भी यहां तक नहीं पहुंच पाया है।ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और ग्राम पंचायत द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में बसे अधिकांश गांव झीरे और कुओं के गंदे पानी पर निर्भर हैं। अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण नहीं किया गया है।

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