बुंदेलखंड की वीरधरा पर विकास का कारवां नहीं रुकेगा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर प्रवास के दौरान बुंदेलखंड की वीर भूमि को नमन करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विकास का कारवां किसी भी हाल में नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने महाराजा छत्रसाल और चंदेल राजाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि बुंदेलखंड महावीरों की धरती रही है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद इस क्षेत्र ने अपनी अलग पहचान बनाई है और अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है।उन्होंने शिक्षा को पीढ़ियों के निर्माण का आधार बताते हुए कहा कि माता-पिता के नाम पर शिक्षा का मंदिर बनाना हमारी संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके परिवार द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में स्थापित शैक्षणिक संस्थान की सराहना की और कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद ही विकास की असली पूंजी होता है।डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हाल ही में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट ने यह साबित कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने सागर विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार ने यहां रानी अवंती बाई लोधी विश्वविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के विकास के लिए हाल ही में आयोजित बुंदेलखंड कैबिनेट में करीब 27 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य क्षेत्र के युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर का लोकार्पण किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। उन्होंने राहतगढ़ और जैसीनगर में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित करने की घोषणा भी की। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित रोजगार मेले और स्वास्थ्य शिविर का भी शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में बनाए गए मूक कोर्ट का अवलोकन कर विधि के छात्र-छात्राओं से संवाद किया और कहा कि व्यावहारिक अनुभव से ही एक सफल अधिवक्ता और न्यायविद तैयार होता है।इस दौरान मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड के पारंपरिक खान-पान की भी सराहना की और स्थानीय मोटे अनाज से बने व्यंजनों को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करता है।कार्यक्रम में बुंदेली कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ लोकगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना करते हुए कलाकारों को प्रोत्साहित किया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और नागरिक उपस्थित रहे

राशिफल 10 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
मंदिर में प्रवेश रोकना धर्म विरोधी, सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
60% आयात निर्भरता के बावजूद घरेलू LPG आपूर्ति 100% सुरक्षित, सरकार का दावा
MP हाई कोर्ट का बड़ा निर्णय, दूसरी शादी पर दी अहम टिप्पणी