जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रमदान से जल स्रोत संरक्षण का संदेश, प्रशासन और नागरिकों ने मिलकर शुरू किया जनआंदोलन
शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर पालिका धनपुरी द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को लेकर जनजागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। इस अभियान में प्रशासन और समाज के लोगों ने मिलकर श्रमदान करते हुए जल संरचनाओं के संरक्षण की दिशा में अहम पहल की।अभियान की शुरुआत शहडोल कलेक्टर केदार सिंह ने अंतरा क्षेत्र में स्थित एक बावड़ी के संरक्षण हेतु श्रमदान कर की। इसके बाद नगर पालिका धनपुरी के वार्ड क्रमांक 05 स्थित झिरिया तालाब में अध्यक्ष रविंदर कौर छाबड़ा, उपाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सीएमओ पूजा बुनकर सहित जनप्रतिनिधियों व नागरिकों ने श्रमदान कर जल स्रोतों को बचाने का संदेश दिया।इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कुएं, तालाब, बावड़ी और स्टॉप डैम का संरक्षण, पुनर्जीवन और स्वच्छता सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में जल संकट से निपटा जा सके। अभियान के तहत नदी-नालों की साफ-सफाई और पुराने जल स्रोतों के जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जा रहा है।सीएमओ पूजा बुनकर ने कहा कि “जल है तो कल है” और जल का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संरक्षण और जल स्रोतों को बचाने की अपील की।प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चैत्र प्रतिपदा से शुरू हुआ यह प्रदेशव्यापी अभियान 30 जून तक चलेगा, जिसमें सरकार और समाज की सहभागिता से जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है।

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