क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: रोहित के सहयोगी टीटू पकड़ा गया
स्पेशल सेल की कस्टडी में गिरोह का सरगना
नई दिल्ली: दक्षिण दिल्ली के कुख्यात गैंगस्टर रोहित चौधरी की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब उस पर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है। वर्तमान में रोहित चौधरी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनवाए गए पासपोर्ट के मामले में 14 मई तक पुलिस रिमांड पर है। जांच में यह सामने आया है कि रोहित ने इसी जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल कर अगस्त 2025 में दुबई की यात्रा की थी। पुलिस अब उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और विदेश भागने की योजनाओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।
आईएसआई और टेरर मॉड्यूल से जुड़े तार
क्राइम ब्रांच ने रोहित के सबसे करीबी सहयोगी प्रवीण उर्फ टीटू को गिरफ्तार किया है, जिससे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में दावा किया गया है कि टीटू, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करने वाले शाहबाज अंसारी सिंडिकेट से हथियारों की खेप लेता था। इन हथियारों का उपयोग रोहित चौधरी गिरोह अपनी आपराधिक गतिविधियों और अवैध धंधों को अंजाम देने के लिए करता था। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का संबंध टेरर मॉड्यूल से मिलने वाले हथियारों से जुड़ना बेहद गंभीर मामला है, जिसके कारण अब इस पूरे नेटवर्क पर देशद्रोह जैसी धाराओं के तहत शिकंजा कसा जा रहा है।
जेल में बना सट्टेबाजी और हथियारों का गठजोड़
जांच में यह भी पता चला है कि रोहित चौधरी और टीटू का संपर्क जेल के भीतर एक बड़े बुकी निशांत अरोड़ा उर्फ नोनी से हुआ था। नोनी के जरिए ही इस गिरोह को अत्याधुनिक पिस्टल सप्लाई की जाती थीं। सट्टे और जुए के कारोबार में भी इनकी गहरी साझेदारी सामने आई है। रोहित चौधरी पर पहले से ही मकोका (MCOCA) जैसे कड़े कानून लगे हुए हैं और वह हत्या, रंगदारी तथा जमीनों पर कब्जे जैसे दर्जनों मामलों में शामिल रहा है। क्राइम ब्रांच अब रोहित की वर्तमान रिमांड खत्म होने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद उसे यूएपीए के नए मामले में गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।

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