संघ प्रमुख मोहन भागवत को हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर खून से लिखा पत्र
मथुरा (वृंदावन)।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत के ब्रजभूमि वृंदावन प्रवास के दौरान हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी क्रम में श्रीकृष्ण जन्मभूमि–ईदगाह विवाद मामले में मुख्य हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज ने आज संघ प्रमुख को अपने खून से पत्र लिखकर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की है।दिनेश फलाहारी महाराज ने पत्र के माध्यम से कहा है कि 125 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाया जाना चाहिए। उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि जिन देशों में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ी है, वहां अस्थिरता, हिंसा और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ने के उदाहरण देखने को मिले हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि भारत को हिंदू राष्ट्र नहीं बनाया गया तो आने वाले वर्षों में हिंदू समाज अल्पसंख्यक स्थिति में आ सकता है।पत्र में यह भी कहा गया है कि जनसंख्या नियंत्रण कानून, गौ-हत्या निषेध, मठ-मंदिरों का संरक्षण जैसे विषय हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना के साथ प्रभावी रूप से लागू हो सकते हैं। फलाहारी महाराज ने यह भी दावा किया कि इससे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखंड भारत और विश्व गुरु भारत की अवधारणा को बल मिलेगा।इस पत्र को लेकर ब्रजभूमि के कई प्रमुख संतों ने समर्थन व्यक्त किया है। समर्थन करने वालों में महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद जी महाराज, कुंज बिहारी पीठाधीश्वर इंदुलेखा, मधुसूदन दास महाराज, अतुल कृष्ण दास जी महाराज, अनमोल दास जी महाराज सहित अन्य संत शामिल हैं।संत समाज ने कहा कि यह पत्र हिंदू समाज की भावनाओं की अभिव्यक्ति है और इसे शांतिपूर्ण व संवैधानिक दायरे में रखकर सुना जाना चाहिए।फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर इस पत्र या घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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