मथुरा के गोवर्धन तहसील अंतर्गत थाना मगोर्रा क्षेत्र के ग्राम मगोर्रा से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुताई का काम करने वाले गरीब मजदूरों पर मकान मालिक द्वारा ₹12 लाख की चोरी का आरोप लगाया गया है। मजदूरों का आरोप है कि यह इल्जाम उनकी मेहनत की मजदूरी मांगने पर दबाव बनाने और उन्हें फंसाने के उद्देश्य से लगाया गया है।मजदूरों के अनुसार, ग्राम मगोर्रा निवासी कुछ लोग करीब 5–6 महीने पहले ग्राम कटेलिया स्थित महिपाल के मकान पर पुताई का काम करने गए थे। उन्होंने कई महीनों तक लगातार काम किया, लेकिन इसके बावजूद मकान मालिक द्वारा उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। जब मजदूरों ने अपनी मेहनत की मजदूरी मांगी, तो मकान मालिक ने उन पर ₹12 लाख की चोरी का गंभीर आरोप लगा दिया।मजदूरों का कहना है कि पुताई का पूरा कार्य मकान मालिक की पत्नी की मौजूदगी में किया गया था। ऐसे में चोरी का आरोप पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद है। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें डराने, दबाव बनाने और मजदूरी न देने के लिए इस तरह का झूठा मामला गढ़ा गया है। उनका यह भी कहना है कि यदि इस तरह गरीब मजदूरों को झूठे मामलों में फंसाया जाएगा, तो वे भविष्य में काम करने से डरेंगे और उनका शोषण और बढ़ेगा।वहीं, मकान मालिक महिपाल ने इस मामले को लेकर थाना मगोर्रा में मजदूरों के खिलाफ ₹12 लाख चोरी का प्रार्थना पत्र दिया है। थाना प्रभारी हरिश चौधरी ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और क्या शासन-प्रशासन गरीब मजदूरों को न्याय दिला पाता है या फिर वे झूठे आरोपों के बोझ तले दबने को मजबूर हो जाते हैं।