CM योगी के बाद सड़क नमाज पर Sajid Rashidi के बयान से बढ़ा विवाद
नई दिल्ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी ने सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर नमाज पढ़े जाने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मौलाना रशीदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस रुख का खुला समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने सड़कों पर नमाज न पढ़ने की बात कही थी। रशीदी ने स्पष्ट किया कि इस्लामी सिद्धांतों और शरीयत के मुताबिक भी सड़क पर नमाज अदा करना सही नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि इबादत के लिए जगह का पूरी तरह 'पाक' (शुद्ध) होना अनिवार्य है।
इस्लामी सिद्धांतों के विपरीत है सड़कों पर इबादत
एक इंटरव्यू के दौरान ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने धार्मिक नियमों की व्याख्या करते हुए कहा कि इस्लाम में इबादत की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त जगह की पाकीजगी यानी साफ-सफाई है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर नमाज पढ़ने की प्रथा न केवल आम जनता के लिए असुविधा पैदा करती है, बल्कि यह खुद इस्लाम के मूलभूत सिद्धांतों के भी खिलाफ है।
"सड़कें पाक नहीं हो सकतीं, वहां लोग थूकते हैं और जानवर भी घूमते हैं"
अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए मौलाना रशीदी ने तर्क दिया कि आम रास्तों और सड़कों पर हर समय लोगों का आना-जाना लगा रहता है। वहां से कई तरह के वाहन और जानवर भी गुजरते हैं। इसके अलावा लोग सड़कों पर थूकते हैं और गंदगी भी फैलाते हैं। ऐसी स्थिति में सड़क की भूमि को नमाज के लिए शुद्ध और पवित्र नहीं माना जा सकता। जब जगह ही पाक नहीं होगी, तो वहां की गई इबादत कैसे कबूल हो सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले को बताया सही
मौलाना साजिद रशीदी ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सड़कों पर नमाज रोकने के लिए उठाए गए कदमों को पूरी तरह जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि जब शासन-प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी अपील या नियम बनाता है, तो वह धार्मिक रूप से भी सही है। मुस्लिम समुदाय को भी इस बात को समझना चाहिए और सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध करने से बचना चाहिए।
मुस्लिम समाज से मस्जिदों और तय स्थानों पर ही नमाज की अपील
इमाम एसोसिएशन के प्रमुख ने मुस्लिम समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी इबादत के लिए सिर्फ मस्जिदों, ईदगाहों या अपने निजी घरों का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि सड़कों पर भीड़ इकट्ठा कर नमाज पढ़ने से धर्म की सही छवि सामने नहीं आती। इसलिए कानून-व्यवस्था का सम्मान करते हुए केवल उन्हीं जगहों पर नमाज पढ़ी जानी चाहिए जो इसके लिए निर्धारित और पूरी तरह साफ-सुथरी हैं।

क्या कर्नाटक को मिलेगा नया मुख्यमंत्री? सिद्धारमैया ने अफवाहों पर तोड़ी चुप्पी
गर्मी का कहर बढ़ा, उमंग सिंघार ने प्रदेश में अलर्ट और तैयारी की अपील की
दिल्ली की शानदार जीत के साथ IPL 2026 का लीग चरण समाप्त, अब प्लेऑफ का रोमांच
CM योगी के बाद सड़क नमाज पर Sajid Rashidi के बयान से बढ़ा विवाद
14 पंडितों का गणित बिगड़ा, प्लेऑफ में पहुंचीं वो टीमें जिन पर कम था भरोसा