पन्ना। पन्ना जिले के सिमरिया स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) के रेस्ट हाउस में बड़े पैमाने पर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग में पदस्थ टाइम कीपर ओमप्रकाश गर्ग और सब इंजीनियर संजय खरे ने विभाग को ही चूना लगाते हुए लाखों रुपए की कीमत वाले हरे-भरे यूकेलिप्टस के पेड़ अवैध रूप से कटवा दिए।जानकारी के अनुसार स्थानीय सरपंच द्वारा केवल दो पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी, लेकिन इसके बावजूद पांच पेड़ कटवा दिए गए। ये सभी पेड़ करीब 20 साल पुराने बताए जा रहे हैं। पेड़ों के गिरने से पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस की बाउंड्री वॉल करीब 30 से 40 फीट तक क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे विभाग को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।जब इस मामले में टाइम कीपर ओमप्रकाश गर्ग से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इनकार करते हुए सब इंजीनियर संजय खरे की ओर इशारा किया। वहीं जब सब इंजीनियर संजय खरे से सवाल किया गया तो उन्होंने पेड़ों की अनुमति होने की बात कही, लेकिन जब यह पूछा गया कि अनुमति दो पेड़ों की थी और काटे गए पांच, तो इस पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। दोनों कर्मचारियों ने कैमरे के सामने आने से भी मना कर दिया। मामले के उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया।इतना ही नहीं, आरोप है कि अवैध रूप से काटे गए तीन अन्य पेड़ों की जड़ों को रात के अंधेरे में जेसीबी मशीन की मदद से मिट्टी से ढकवा दिया गया, ताकि साक्ष्य और सबूत मिटाए जा सकें। जब वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी लगी तो यह सामने आया कि टाइम कीपर और सब इंजीनियर की मिलीभगत से मौके से सबूत हटाने का प्रयास किया गया। हालांकि पेड़ों की जड़ों को पूरी तरह हटाया नहीं जा सका।पेड़ कटे हुए अब पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन रेस्ट हाउस परिसर में अब तक पांचों पेड़ों की लकड़ी नहीं पहुंचाई गई है, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। फिलहाल पूरे प्रकरण पर विभागीय कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और अब यह देखना होगा कि दोषी कर्मचारियों पर क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं।