भोपाल।
यूएफबीयू (यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस) के आह्वान पर राजधानी भोपाल में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर जोरदार, अनुशासित और एकजुट धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पीएनबी प्रेस कॉम्पलेक्स में आयोजित किया गया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों से जुड़े संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।प्रदर्शन में भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ, भोपाल सर्कल के अध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव, महासचिव संजीव मिश्रा, वृत्त उप महासचिव रजनीश पौराणिक एवं सर्कल मीडिया प्रभारी अरविंद पंडियार की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कन्फेडरेशन, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष सुबिन सिन्हा सहित यूएफबीयू और एआईबीओसी के वरिष्ठ पदाधिकारी वी. के. शर्मा, नजीर कुरैशी, निर्भय सिंह, संजय कुदेशिया, सुनील सिंह, दीपक रतन शर्मा एवं दीपक नायर मंच पर उपस्थित रहे।प्रदर्शन में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रवीण मेघानी, पंकज ठाकुर, वासु जेठानी, सिद्धार्थ सिंह सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।इस दौरान वक्ताओं ने पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को समय की मांग बताया। एसबीआई अधिकारी संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह अब केवल सुविधा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह कार्य-जीवन संतुलन, स्वास्थ्य और बैंकिंग सेवा की गुणवत्ता से जुड़ा मूलभूत प्रश्न बन चुका है।महासचिव संजीव मिश्रा ने कहा कि जब देश के अधिकांश संस्थानों में पाँच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू है, तब बैंक कर्मियों से लगातार अतिरिक्त कार्य लिया जाना अन्यायपूर्ण है, जिसे अब समाप्त किया जाना चाहिए।वृत्त उप महासचिव रजनीश पौराणिक ने कहा कि बढ़ते लक्ष्य, दबाव और लंबे कार्य घंटे बैंक अधिकारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं। ऐसे में पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह बेहद जरूरी है।ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर कन्फेडरेशन के अध्यक्ष सुबिन सिन्हा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यूएफबीयू के बैनर तले यह आंदोलन देशभर में एकजुटता का प्रतीक है और यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।वरिष्ठ कामरेड वी. के. शर्मा ने कहा कि पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू होने से न केवल बैंक कर्मियों को राहत मिलेगी, बल्कि ग्राहक सेवा भी अधिक संगठित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होगी।मीडिया प्रभारी अरविंद पंडियार ने कहा कि यह आंदोलन बैंक कर्मियों की आवाज़ को नीति निर्धारकों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है और अब निर्णय में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।प्रदर्शन के दौरान “पाँच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। अंत में संयुक्त मंच ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को राज्यव्यापी और देशव्यापी स्तर पर और अधिक तेज किया जाएगा।