बागली | 
इंदौर–बैतूल नेशनल हाईवे मार्ग के नवीन निर्माण कार्य के चलते बागली तहसील के ग्राम मातमोर में प्रभावित हुए परिवारों का गुस्सा रविवार को सड़क पर फूट पड़ा। प्रभावित परिवारों ने अपनी मांगों को लेकर शिवपुरी तीर्थ स्थल के गेट के सामने हाईवे पर बैठकर चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।बताया जा रहा है कि इंदौर–बैतूल नेशनल हाईवे के निर्माण के दौरान ग्राम मातमोर की नई आबादी क्षेत्र में 20 से अधिक परिवारों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है। शासन द्वारा प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि तो प्रदान कर दी गई, लेकिन नए मकान निर्माण के लिए अब तक समुचित स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्रभावित परिवारों का आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा जिस भूमि को मकान निर्माण के लिए आवंटित किया गया है, वहां पर पहले से एक व्यक्ति का अवैध कब्जा है। कब्जाधारी व्यक्ति द्वारा लगातार मकान निर्माण में बाधा डाली जा रही है और प्रभावित परिवारों को परेशान किया जा रहा है।रविवार सुबह बड़ी संख्या में महिला और पुरुष प्रभावित परिवार के लोग एकत्रित होकर हाईवे पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। चक्का जाम के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लगभग 30 मिनट तक यातायात बाधित रहा।सूचना मिलने पर थाना कमलापुर प्रभारी सर्जन सिंह मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से चर्चा की और समझाइश के बाद चक्का जाम समाप्त कराया। इसके बाद मार्ग पर पुनः यातायात सुचारू किया गया।प्रभावित परिवार की महिलाओं ने बताया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए ही उनके मकानों को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ठंड के मौसम में उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि हाल ही में बागली तहसीलदार ने शिवपुरी मार्ग पर शासकीय भूमि चिन्हित की थी, लेकिन कब्जाधारी व्यक्ति वहां मकान बनाने नहीं दे रहा है।प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और पुरुषों में भारी आक्रोश देखने को मिला। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राजस्व विभाग का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।