पत्रकारिता के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: दीपक गुप्ता पर धमकी के आरोपी पर कानून का प्रहार जरूरी
मऊगंज/ मऊगंज के सीतापुर क्षेत्र में पत्रकारिता के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया। पाडर खरीदी केंद्र में फैले भ्रष्टाचार की पड़ताल करने पर निर्भीक दिव्यांग पत्रकार दीपक गुप्ता को फोन पर अपमानजनक गालियाँ दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई।यह घटना तब हुई जब दीपक गुप्ता ने खरीदी केंद्र में लंबे समय से चल रही अवैध वसूली और अनियमितताओं को उजागर किया। आरोप है कि रसूख के नशे में चूर प्रबंधक के भतीजे ने अपनी मर्यादा भूलकर पत्रकार को अपमानित किया।मामले में सबसे चिंताजनक पहलू पुलिस की शुरुआती सुस्ती रही। शिकायत के बावजूद लगभग 48 घंटे तक FIR दर्ज नहीं की गई, जिससे यह सवाल उठने लगा कि क्या कानून प्रभावशाली लोगों के सामने कमजोर पड़ गया है। जब श्रमीजीवी पत्रकार संगठन और अन्य पत्रकारों ने विरोध जताया, तब जाकर लौर थाना प्रभारी ने खुद पत्रकार के निवास पर जाकर FIR दर्ज की।अब आरोपी की ओर से माफी का ऑडियो सामने आया है और इसे “अनजाने में हुई गलती” बताया गया है। लेकिन पत्रकार दीपक गुप्ता ने साफ कहा है कि यह लड़ाई केवल उनकी व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि हर उस पत्रकार की है जो सच दिखाने की हिम्मत करता है। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती और उसे कानून के तहत सख्त सजा नहीं मिलती, यह संघर्ष जारी रहेगा।मामले ने पूरे जिले में आक्रोश फैला दिया है। पत्रकार संगठनों ने चेताया है कि यदि गिरफ्तारी में और देरी होती है, तो यह पुलिस प्रशासन की नीयत पर बड़ा प्रश्नचिह्न होगा। कानून का राज और पत्रकारिता की गरिमा बचाने के लिए त्वरित और कठोर कार्रवाई आवश्यक है।

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