मिनरल एक्सप्लोरेशन के लिए ड्रिलिंग से प्राप्त कोर का होगा वैज्ञानिक संधारण
जयपुर। राज्य में खान एवं भूविज्ञान सेक्टर में ड्रिलिंग के दौरान प्राप्त कोर की स्तरीय कोर लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री टी. रविकान्त ने यह निर्देश राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन आरएसएमईटी की बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान खनिजों का हब प्रदेश है। ऐसे में मिनरल एक्सप्लोरेशन के दौरान ड्रिलिंग आदि के दौरान उपलब्ध होने वाले कोर का समयबद्ध विश्लेषण और उपलब्ध कोर सेंपल्स का वैज्ञानिक तरीके और नवीनतम तकनीक के अनुसार संधारण के लिए आधुनिक संसाधनयुक्त कोर लाइब्रेरी तैयार की जाए। टी. रविकान्त ने निर्देश दिए कि विभाग के तीन अधिकारियों के एक दल को मिनरल एक्सप्लोरेशन कारपोरेशन के नागपुर कोर लाइब्रेरी का अध्ययन करने के लिए इसी माह भेजा जाएं। इसके साथ ही कोर संधारण के लिए अन्य तकनीक व व्यवस्था की विश्लेषण कर कोर लाइब्रेरी बनाने की रुपरेखा तैयार की जाए ताकि ड्रिलिंग के दौरान प्राप्त कोर का वैज्ञानिक तरीके से रखरखाव हो सके। उन्होंने कहा कि कोर सेंपल आज के लिए ही नहीं, भविष्य के लिए भी उपयोगी हैं, इसलिए इनकी बेहतर केटलॉगयुक्त कोर लाइब्रेरी बनाया जाना आवश्यक है।टी.रविकान्त ने प्रदेश में एक्सप्लोरेशन कार्य को गति देने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए वैध खनन को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। ऐसे में एक्सप्लोरेशन, ड्रिलिंग, सेंपल्स का विश्लेषण रिपोर्ट आदि तक के कार्य की एक एसओपी तैयार कर विस्तृत गाइड लाइन जारी की जाएगी, जिसमें समयसीमा और जिम्मेदारी भी तय होगी।

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