जबलपुर में चल रही रामकथा का आध्यात्मिक वातावरण पूरे शहर को दिव्यता से भर रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में सत्य, प्रेम, करुणा और शांति जैसे मूल्यों को प्रसारित करना है। बापू अपनी मधुर वाणी और सरल शैली के माध्यम से रामकथा के आदर्शों, संस्कारों और जीवन के गहरे संदेशों को श्रोताओं तक पहुँचा रहे हैं।कथा में बालकांड से लेकर उत्तरकांड तक रामायण के प्रमुख प्रसंगों को सुंदर और सहज भाव से प्रस्तुत किया जा रहा है। रामचरितमानस के प्रत्येक प्रसंग को जीवन से जोड़कर समझाने का बापू का अंदाज़ श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और भाव दोनों को जाग्रत कर रहा है।आयोजन के दौरान ओशो स्मृति दिवस, ध्यान सत्र, प्रवचन और भक्ति कार्यक्रम भी पूरे उत्साह और श्रद्धा से संपन्न हो रहे हैं। भक्तों का कहना है कि यहां का माहौल व्यक्ति को बाहरी कोलाहल से दूर ले जाकर आत्मिक शांति का अनुभव कराता है।यह आध्यात्मिक उत्सव न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रहा है, बल्कि लोगों में जागरूकता, सद्भाव, आंतरिक शांति और मानवता के प्रति प्रेम को भी बढ़ावा देने का संदेश दे रहा है।