पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की ‘सार्वजनिक समीक्षा’ की — गृह विभाग से शुरुआत करने की दी सलाह
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दो साल की समीक्षा संबंधी घोषणा पर तीखा प्रहार किया। पटवारी ने इसे “दिखावटी समीक्षा” बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को सबसे पहले अपने विभाग—गृह विभाग—की समीक्षा करनी चाहिए, क्योंकि केंद्र सरकार ने अपने आधिकारिक आंकड़ों में इसे “सबसे निकम्मा” बताया है।
सबसे पहले अपनी समीक्षा करें मुख्यमंत्री जी”—पटवारी
पटवारी ने कहा कि जब केंद्र सरकार तक मध्यप्रदेश के गृह विभाग की विफलताओं पर उंगली उठा चुकी है, तो दो वर्ष की समीक्षा का नाटक करने से पहले मुख्यमंत्री को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को दिखाने के लिए समीक्षा करने से वास्तविक स्थिति नहीं बदलती।
कृषि विभाग: EOW जांच से लेकर नकली बीज कांड तक कई गंभीर मुद्दे
पटवारी ने कहा कि कृषि विभाग में घोटालों का लंबा सिलसिला है।
—EOW की जांचें लंबित हैं
—नकली बीज का बड़ा विवाद सामने आया है
—CAG रिपोर्ट में अनियमितताओं की पुष्टि की गई है
उन्होंने कहा कि अन्नदाता लगातार परेशान है, और सरकार जिम्मेदारी तय करने के बजाय बयानबाज़ी कर रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग: “50 लाख बच्चे गायब, बजट बढ़ा लेकिन परिणाम शून्य
पटवारी ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में 50 लाख बच्चे स्कूल शिक्षा व्यवस्था से गायब हो गए, जबकि बजट 7 हजार करोड़ से बढ़कर 37 हजार करोड़ तक पहुँच गया।
उन्होंने कहा—“बच्चे कम हो रहे हैं, पैसा ज़्यादा खर्च हो रहा है। आखिर पैसा जा कहाँ रहा है?”
परिवहन विभाग: मुख्यमंत्री के टोल बंद करने के दावे फेल
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने टोल बंद होने की घोषणा की थी, लेकिन राज्य के सभी टोल पहले की तरह चालू हैं।
पटवारी ने सवाल किया—क्या परिवहन मंत्री जनता को गुमराह करने की जिम्मेदारी स्वीकार करेंगे?
ग्रामीण विकास, सहकारिता और उपार्जन: भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार चुप
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण विकास, सहकारिता और उपार्जन विभागों में बड़े पैमाने पर घोटाले उजागर हुए हैं। इसके बावजूद सरकार किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं कर रही।
स्वास्थ्य विभाग: "26 बच्चों की मौत, नकली दवाइयाँ और CAG की 500 पेज रिपोर्ट
पटवारी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से 26 बच्चों की मौत हुई, नकली दवाइयों के मामले बढ़ रहे हैं और कुपोषण का संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि CAG की 500 पेज की रिपोर्ट सरकार की अक्षमता का पूरा दस्तावेज है।
PWD विभाग: “गिरते पुल, धंसती सड़कें और 40% कमीशन का खेल
पटवारी ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण नए बने पुल 90 डिग्री तक झुक जाते हैं और सड़कें 100 मीटर तक धंस जाती हैं।
उन्होंने चुनौती दी—“क्या मुख्यमंत्री PWD मंत्री का इस्तीफा ले सकते हैं?”
अलीबाबा और 40 चोर” वाली सरकार— पटवारी का तीखा हमला
पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में बिना रिश्वत कोई सरकारी काम नहीं होता।
यह 40% कमीशन वाली सरकार है। सत्ता का मुखिया अलीबाबा और बाकी मंत्री चालीस चोर की तरह काम कर रहे हैं।”उन्होंने दावा किया कि भाजपा का कोई भी विधायक यह प्रमाणित नहीं कर सकता कि उसके क्षेत्र में एक भी सरकारी काम बिना भ्रष्टाचार के होता है।

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