मथुरा।   मथुरा  से आज एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां जिला अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। सोमवार को कई कर्मचारी अस्पताल परिसर में इकट्ठा हुए और उन्होंने अपनी परेशानियाँ खुलकर रखीं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जबकि अब चौथा महीना भी शुरू हो गया है। वे बिना वेतन के घर चलाने को मजबूर हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन उनसे रोज़ का पूरा काम करवाता है और कार्रवाई की चेतावनी भी देता है।

कर्मचारियों ने बताया कि उनकी नियुक्ति 7200 रुपये प्रति माह मानदेय पर की गई थी। इतना कम वेतन होने के बावजूद वे मेहनत से काम कर रहे हैं, लेकिन तीन महीने से मानदेय न मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। कई कर्मचारी परिवार की जरूरतें पूरा करने के लिए उधार लेने पर मजबूर हो गए हैं।

कर्मचारियों ने यह भी बताया कि कई लोगों को अब तक ज्वाइनिंग लेटर भी नहीं दिया गया है, जबकि उनके सभी दस्तावेज़ अस्पताल प्रशासन पहले ही जमा करा चुका है। उनका कहना है कि वे काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनके पास नौकरी का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, जिससे आगे चलकर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

विरोध करने वालों में पवन राजकुमार चुरियाना, विनीता (सदर), मधुआ अंतपाड़ा, अंजलि अंतपाड़ा, अंजू सदर, राजेंद्र अंतपाड़ा, कमलेश, लक्ष्मी कृष्णापुरी और वैश्विक संग सहित कई कर्मचारी शामिल रहे। सभी ने मिलकर प्रशासन से जल्द वेतन जारी करने की मांग की है।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें लगातार आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ। उनकी स्थिति हर दिन खराब होती जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर तुरंत मानदेय जारी नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि अस्पताल प्रशासन बढ़ते असंतोष को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है। कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी समस्या जल्द हल होगी ताकि वे बिना तनाव के अपना काम जारी रख सकें।