गुरदासपुर में धमाका: थाने के बाहर ब्लास्ट में तीन घायल, पुलिस बोली—यह सिर्फ टायर फटना था
पंजाब में बम ब्लास्ट के मामले थम नहीं रहे हैं। ताजा मामला गुरदासपुर में हुआ है। गुरदासपुर थाना सिटी के बाहर मंगलवार रात जोरदार ब्लास्ट हुआ है। चपेट में आने से तीन लोग घायल हुए हैं। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। धमाके से इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि पुलिस इस घटना को बम ब्लास्ट की वारदात नहीं मान रही है। पुलिस कर्मियों ने इसे बजरी से भरे ट्रक का टायर फटने का मामला बताया है। धमाके की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।
धमाके में घायल सपना शर्मा, अनु बाला और राजेश कुमार के अनुसार, उन्हें आई चोटें टायर फटने जैसी नहीं लगतीं जिससे घटना को लेकर और संदेह बढ़ गया है। राजेश कुमार की आंख में गंभीर चोट आने पर उसे चंडीगढ़ रेफर किया गया है।
वहीं, धमाके के बाद सोशल मीडिया पर खालिस्तान लिबरेशन आर्मी के नाम से एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। कहा गया कि हिंदू खालिस्तान के खिलाफ बोलते रहेंगे, तो ग्रेनेड हमले होते रहेंगे। पुलिस ने इस पोस्ट को फर्जी बताया है। साथ ही कहा कि अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
वहीं, कांग्रेस विधायक बरिंदरमीत पाहड़ा ने घायलों से मुलाकात कर सरकार और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उधर, मामले को लेकर एसएसपी आदित्य ने कहा कि पुलिस हर एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी।
पोस्ट शेयर होने पर सामने आए घायलों के परिजन
बता दें कि सोशल मीडिया के जरिये ग्रेनेड हमले संबंधी (पुलिस के अनुसार फेक) पोस्ट शेयर होने के बाद घायलों के परिजन सामने आए। लाइब्रेरी चौक निवासी सपना शर्मा के शरीर पर कई जगहों पर छोटे-छोटे, तेजधार घाव मिले हैं। वहीं, नंगल कोटली निवासी अनु बाला के सिर में चोट लगी है। उनके पति राजेश कुमार की आंख में गहरी चोट आई है।

धार में राज्य सरकार बनायेगी भव्य सरस्वती लोक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान, बोले- किसी को नहीं बख्शा जाएगा, सबका हिसाब होगा
मानसिक दबाव की चपेट में डॉक्टर और NEET स्टूडेंट, MP में बढ़ी काउंसलिंग की जरूरत
राइड के दौरान छेड़खानी का आरोप, वाराणसी में रैपिडो ड्राइवर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई
कला, खेल और चिकित्सा जगत की दिग्गज हस्तियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया
अमेरिका में 15 हजार भारतीयों पर संकट, नौकरी गई तो डिपोर्ट का बढ़ा खतरा