झालावाड़ जिले की मनोहरथाना तहसील के ग्राम पंचायत समरोल की चरागाह भूमि एक बार फिर दबंग अतिक्रमणकारियों के निशाने पर है। लगभग तीन महीने पहले जहां प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए करीब 80 बीघा चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया था, वहीं अब फिर से उसी भूमि पर पक्के मकानों का निर्माण शुरू हो गया है।ग्रामीणों का कहना है कि समरोल चौहराए पर दिन और रात दोनों समय निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन प्रशासन इसके प्रति पूरी तरह आंखें मूंदे हुए है। दबंग अतिक्रमणकारियों के सामने ग्रामीण खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं, वहीं अधिकारियों की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।बताया गया कि 15 सितंबर को तहसीलदार माधोलाल बैरवा के नेतृत्व में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चरागाह भूमि पर बने कई पक्के निर्माणाधीन मकान ध्वस्त किए थे। इससे पहले ग्रामीणों ने कई बार जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी और हरनावदा शाहजी–मनोहरथाना मार्ग पर जाम लगाकर विरोध भी किया था। ग्रामीणों ने साफ कहा था कि चरागाह भूमि पर अवैध कब्जे उनके मवेशियों और गांव की मूलभूत जरूरतों को सीधा प्रभावित करते हैं।कड़ी कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि चारागाह भूमि अतिक्रमण मुक्त रहेगी, लेकिन अब तीन महीने बाद फिर पक्के मकान बनने लगे हैं। इससे साफ पता चलता है कि अतिक्रमणकारी दोबारा सक्रिय हो गए हैं और प्रशासन की ढिलाई का पूरा फायदा उठाया जा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा हटाया गया अतिक्रमण फिर से खड़ा होता दिख रहा है, जिसके कारण चरागाह भूमि फिर से अतिक्रमण की भेंट चढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी भूमि को पुनः मुक्त कराया जा सके और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो सके।