बालाघाट में हनुमान जी की मूर्ति में लगी आग का खुलासा, साजिश नहीं हादसा निकला मामला
बालाघाट जिले के कटंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत जाम में 17 मार्च की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब श्रद्धालु प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे और वहां स्थापित प्राचीन हनुमान जी की मूर्ति जली हुई अवस्था में मिली। इस घटना के सामने आते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में हनुमान भक्तों व हिन्दूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।लोगों ने रैली निकालकर कटंगी थाना परिसर पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और जांच शुरू की।फोरेंसिक टीम और साइबर सेल की मदद से की गई जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। आदित्य मिश्रा ने खुलासा करते हुए बताया कि यह घटना किसी शरारत या साजिश का परिणाम नहीं, बल्कि एक हादसा है।पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम कालीमाटी निवासी आनंद चौधरी और ग्राम पिपरवानी निवासी विनोद चौधरी ने पारिवारिक समस्या और संतान प्राप्ति के लिए चित्रकूट के एक पंडित से उपाय पूछा था। पंडित द्वारा उन्हें अमावस्या की रात किसी प्राचीन सिद्ध हनुमान मंदिर में घी के दीपक जलाकर अनुष्ठान करने की सलाह दी गई थी।इसी सलाह के अनुसार दोनों व्यक्तियों ने मंदिर में आटे से बने घी के दीपक जलाए और अनुष्ठान करने के बाद वापस लौट गए। चूंकि हनुमान जी को तेल-घी का चोला चढ़ाया जाता है, ऐसे में आशंका जताई गई है कि दीपक की लौ चोले में लगने से आग फैल गई और मूर्ति को नुकसान पहुंचा।

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