केजरीवाल-सिसोदिया को हाईकोर्ट की राहत, जवाब दाखिल करने के लिए मिला वक्त
नई दिल्ली। कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और इस मामले के अन्य आरोपियों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को निर्धारित की गई है। नोटिस के बाद भी केजरीवाल या अन्य किसी आरोपी के द्वारा जवाब दाखिल नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह हर बार आरोप लगाकर भाग जाते हैं, न्यायिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। केजरीवाल की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने कहा कि वह कुछ समय चाहते हैं क्योंकि इस मामले में बेंच बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है। जिसपर अदालत ने केजरीवाल की मांग पर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया। बता दें कि कथित दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था।
केजरीवाल ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में जज बदलने की मांग को लेकर अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पहले केजरीवाल ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मामले की सुनवाई किसी अन्य पीठ को सौंपने का अनुरोध किया था। हाईकोर्ट ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। उसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसी मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से जारी समन को चुनौती दी है। सिसोदिया का कहना है कि हाईकोर्ट का समन कानूनन उचित नहीं है और इसे निरस्त किया जाना चाहिए।

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