बालाघाट जिले की जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक सराफ की कार्यप्रणाली से नाराज होकर जिले के समूचे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एकजुट हो गए हैं। जिले की दसों जनपद पंचायत के अधिकारी, रोजगार सहायक और अन्य कर्मचारी मोती गार्डन, बालाघाट में एकत्रित हुए और मीडिया के सामने अपनी समस्याएँ रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि सीईओ शाम 6 बजे के बाद वीडियो कॉन्फ़्रेंस के माध्यम से मीटिंग लेकर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हैं। इस दौरान महिला अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल होते हैं, लेकिन उनके मान-सम्मान का ध्यान न रखते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है।अधिकारियों ने यह भी बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति के मापदंडों को छोड़कर सीईओ अपने तरीके से प्रगति चाहते हैं, जो संभव नहीं है। इसके अलावा, निलंबन और वेतन काटने की धमकी देकर कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान महसूस कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, सभी संगठनों ने मिलकर सीईओ को बालाघाट से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।