सांदीपनी स्कूल बागली में जिला स्तरीय दिव्यांग बच्चों का उपकरण वितरण शिविर संपन्न
बागली में जिला स्तरीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग एवं समग्र शिक्षा अभियान (समावेशित शिक्षा) के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों का उपकरण वितरण शिविर मंगलवार को सांदीपनी स्कूल बागली में आयोजित किया गया। कार्यक्रम ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहायक संचालिका प्रिया भानपुरिया, बीआरसी कय्यूम बनारसी, प्राकार डाबी, जनपद शिक्षा केंद्र के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों की मुख्य उपस्थिति में संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए। शिविर के दौरान दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। कुल 41 बच्चों को 61 उपकरण प्रदान किए गए, जिनमें 6 बच्चों को सीपी चेयर, 14 को व्हीलचेयर, 9 को श्रवण यंत्र, एक छात्रा को रोलेटर, 8 बच्चों को कैलीपर एवं 14 बच्चों को टीएलएम किट दी गई।शिविर के दौरान बौद्धिक एवं दिव्यांग बच्चों के लिए खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। चेयर रेस, नींबू रेस एवं रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।जिला स्तरीय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग एवं जिला शिक्षा केंद्र द्वारा आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना, उनके जीवन को सुगम करना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से आधुनिक सहायक उपकरणों के साथ सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक पुनर्वास को भी बढ़ावा दिया गया।उपकरण वितरण के दौरान दिव्यांग बच्चों का फूलमालाओं से स्वागत किया गया एवं मिठाई खिलाकर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। शिविर में बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल की सराहना की।

World Heritage Day 2026: विरासत के संरक्षण का संकल्प, आइए देखें दुनिया के ये 7 अजूबे।
मुंबई का नया लैंडमार्क: धारावी के बाद देश के सबसे बड़े रिडेवलपमेंट को लीड करेंगे अदाणी।
केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी सौगात: महंगाई भत्ते में 2% की वृद्धि, 1 जनवरी से लागू
अजमेर दरगाह-मंदिर विवाद: जिला कोर्ट में कानूनी उलझनों के बीच टली सुनवाई, 2 मई की तारीख मुकर्रर।
बंगाल चुनाव 2026: योगी की एंट्री से बढ़ा पारा, ममता सरकार पर बोला तीखा हमला
रामपुरिया से राजभवन तक: एक छोटे से गांव के लाल ने बढ़ाया जैसलमेर का गौरव।