राजस्थान में मौसम का बड़ा बदलाव, कई जिलों में बारिश और आंधी
जयपुर|राजस्थान में मंगलवार से एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। राजधानी जयपुर सहित अलवर, सवाई माधोपुर, दौसा, भरतपुर संभाग के कई जिलों में सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बारिश से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में धूलभरी तेज हवाएं चलीं, जिससे अचानक मौसम में बदलाव महसूस किया गया। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 10 जिलों में बारिश और आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट, जबकि 12 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। इसी सिस्टम के चलते हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ बरसात दर्ज की जा रही है।
जयपुर में सुबह-सुबह बदला मौसम
राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे बूंदाबांदी शुरू हुई। इसके बाद सुबह करीब 8 बजे 10 मिनट तक तेज बारिश हुई। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं से एक बार फिर ठिठुरन बढ़ गई। शहर में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हुई बारिश से तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि बारिश के चलते पिछले कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की सर्दी से लोगों को आंशिक राहत भी मिली है।
अलवर, सवाई माधोपुर में भी बारिश
अलवर जिले में मंगलवार सुबह से हल्की बूंदाबांदी हो रही है। शहर और आसपास के इलाकों में कोहरा भी छाया रहा। तीन दिन तक शीतलहर झेलने के बाद मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। सोमवार रात अलवर का न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।वहीं, सवाई माधोपुर जिले में मंगलवार सुबह तेज बारिश हुई। चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में सुबह करीब 7.30 बजे हुई बारिश के बाद गलियों में पानी बहने लगा। बारिश के बाद जिले के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
फसलों पर संकट, पांच दिन में दूसरी बार मावठ
प्रदेश में पांच दिन के भीतर दूसरी बार मावठ होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। गेहूं, सरसों और चना जैसी रबी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। लगातार बारिश और नमी के कारण फसलों में रोग लगने का खतरा भी बढ़ गया है। हालांकि, बारिश से जमीन में नमी बढ़ने से कुछ इलाकों में फसल को लाभ भी मिल सकता है।
सोमवार को दिन में बढ़ा तापमान
सोमवार को बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कई जिलों में दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए थे। बादलों के कारण सर्द हवाएं कमजोर पड़ीं और लोगों को कड़ाके की सर्दी से थोड़ी राहत मिली। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस पाली में दर्ज किया गया।
28-29 जनवरी को कोहरा, 31 से फिर बदलेगा मौसम
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 28 और 29 जनवरी को प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में सर्द हवाएं भी चल सकती हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद 31 जनवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिसके असर से 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रदेश में फिर से बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
भिवाड़ी में फिर बढ़ा प्रदूषण
तीन दिन पहले हुई मावठ के बाद भिवाड़ी में प्रदूषण स्तर में सुधार देखने को मिला था, लेकिन मंगलवार सुबह एक बार फिर हालात बिगड़ गए। सुबह 6 बजे भिवाड़ी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार दर्ज किया गया, जिससे हवा एक बार फिर जहरीली श्रेणी में पहुंच गई है।
न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे
सोमवार को सर्द हवाओं के चलते प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री सेल्सियस फतेहपुर में रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा सीकर में 0.5, नागौर में 1.1, दौसा में 1.4, लूणकरणसर में 1.7 और चूरू में 2.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।मौसम विभाग ने लोगों को कोहरे और बारिश के दौरान सतर्क रहने, खासकर सुबह और रात के समय वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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