मथुरा में मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण के विरोध में धनगर समाज का प्रदर्शन
मथुरा के मणिकर्णिका घाट में विकास कार्य के दौरान देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को नुकसान पहुँचने और लगभग 300 साल पुराने घाट के ध्वस्त होने पर धनगर समाज में गहरा रोष है। विरोध स्वरूप समाज ने दिल्ली तक कूच करने का आह्वान किया, लेकिन मथुरा में पुलिस ने बड़ी संख्या में एकत्र प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मणिकर्णिका घाट केवल एक स्थापत्य स्थल नहीं है, बल्कि सनातन आस्था और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने 1791 में इस घाट का निर्माण कराया था। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और घाट के पुनर्निर्माण की मांग की।पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। प्रदर्शन शांत हुआ, लेकिन धनगर समाज ने कहा कि जब तक मामले में ठोस कार्रवाई और संरक्षण का आश्वासन नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।

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