CBI को मिली बड़ी कामयाबी, 13 साल से फरार फ्रॉड के आरोपी को किया गिरफ्तार
डेस्क: सीबीआई (CBI) ने बैंक फ्रॉड (Bank Fraud) के एक पुराने मामले में करीब 13 साल से फरार चल रहे आरोपी जितेंद्र कुमार (Jitendra Kumar) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है. कोर्ट ने उसे 2014 में भगोड़ा घोषित किया था. वो 2013 से गायब था और लगातार लोकेशन बदलकर छिपता रहा. ये मामला जुलाई 2013 का है, जब सीबीआई ने संजीव दीक्षित (प्रोप्राइटर – M/s Shankar Metals), संजय शर्मा (प्रोप्राइटर – M/s Super Machines), इंद्रा रानी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था. आरोप था कि इन लोगों ने आपस में मिलकर पंजाब नेशनल बैंक, नई दिल्ली की जोर बाग ब्रांच से फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर 4 करोड़ रुपये का Cash Credit लोन ले लिया और बाद में जिस मकसद से पैसे लिए गए थे उसका इस्तेमाल वहाँ से अलग जगह पर किया गया.
जांच में पता चला कि लोन डॉक्यूमेंट्स में संजय शर्मा को लोन गारंटर दिखाया गया था, लेकिन गारंटर वाले डॉक्यूमेंट्स पर लगी फोटो दरअसल जितेंद्र कुमार की थी .इसके अलावा गाजियाबाद के एक प्लॉट की फर्जी Sale Deed भी बैंक में जमा कराई गई, जिसमें मालिक के तौर पर संजय शर्मा का नाम था, लेकिन फोटो जितेंद्र कुमार की लगी थी. इतना ही नहीं, जिस बैंक अकाउंट M/s Rajdhani Traders में लोन की रकम डायवर्ट हुई, वो अकाउंट भी जितेंद्र कुमार के नाम पर था. जांच में ये भी सामने आया कि जितेंद्र कुमार, इस केस के मुख्य आरोपी संजीव दीक्षित का कर्मचारी था और वही असली फेस का इस्तेमाल करके फ्रॉड को अंजाम दिया गया.

हॉर्मुज पर फिर संकट: ईरान ने लगाया सैन्य कंट्रोल
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर सियासी घमासान तेज
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: ग्वालियर लोकायुक्त ने रंगे हाथ दबोचा घूसखोर क्लर्क, 60 हजार में तय हुआ था सौदा।
भोपाल में 50 हजार शिक्षकों की हुंकार: "25 साल की सेवा के बाद अब परीक्षा की कैसी शर्त?"
तालाब में नहाने गई चार सहेलियां डूबीं, दो को ग्रामीणों ने बचाया, दो की दर्दनाक मौत
प्रशासनिक लापरवाही की इंतहा: सरकारी कागजों में मार दिए गए 17 जिंदा वोटर, कलेक्टर सख्त