गणतंत्र दिवस पर वीआईपी कल्चर होगा खत्म
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह में केंद्र सरकार सालों से चले आ रहे वीआईपी कल्चर को खत्म करने जा रही है। परेड देखने के लिए आए मेहमानों की कुर्सियों पर अब वीवीआईपी, वीआईपी और डिग्निटी नहीं लिखा होगा। इसकी जगह नदियों के नामों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए गैलरी का नाम संगीत वाद्ययंत्रों के नाम पर रखा है।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से आम आदमी और वीआईपी के बीच अंतर कम होगा। भारतीय संस्कृति, विरासत और समानता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही हर नागरिक खुद को बराबर महसूस कर सकेगा। यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट, उर्सुला वॉन डेर लेयेन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य मेहमान के तौर पर शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं। पीएम मोदी ने दोनों नेताओं को समारोह में शामिल होने का न्योता दिया है। ये नेता 27 जनवरी को 16वें भारत-श्व शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे।

RTE एडमिशन की बढ़ी तारीख: अब 25 अप्रैल तक निजी स्कूलों में करा सकेंगे निःशुल्क प्रवेश
पोर्टल खोलिए और खुद भरिए अपनी जानकारी; राजस्थान में डिजिटल जनगणना का शंखनाद।
90 डॉलर के नीचे आया क्रूड: अंतरराष्ट्रीय नरमी के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने नहीं बदले रेट।
World Heritage Day 2026: विरासत के संरक्षण का संकल्प, आइए देखें दुनिया के ये 7 अजूबे।
मुंबई का नया लैंडमार्क: धारावी के बाद देश के सबसे बड़े रिडेवलपमेंट को लीड करेंगे अदाणी।