रीवा।
मध्यप्रदेश के रीवा जिले में आपसी विवाद के एक मामले में पुलिसकर्मी को झूठे आरोपों में फंसाने की बात सामने आई है। मामला बिछिया थाना क्षेत्र के निरंजन नगर जनार्दन कॉलोनी का है, जहां रास्ते को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस तक शिकायत पहुंची है।जानकारी के अनुसार कॉलोनी निवासी अरुण चौबे, जो विश्वविद्यालय थाने में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं, अपने आवास का निर्माण कार्य करा रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान रास्ता अस्थायी रूप से बाधित होने को लेकर कॉलोनी में रहने वाले बैंककर्मी मुंद्रिका पाल, उनकी पत्नी सुमन पाल और पुत्र यशवंत पाल से विवाद हो गया।स्थानीय रहवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के समय प्रधान आरक्षक अरुण चौबे मौके पर मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि बैंककर्मी अपने परिवार के साथ कार से निकल रहे थे, इसी दौरान रास्ते को लेकर कहासुनी हुई, जो बाद में बढ़ गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विवाद की शुरुआत बैंककर्मी की पत्नी द्वारा की गई।रहवासियों का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते मामूली विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और बाद में प्रधान आरक्षक का नाम भी मामले में शामिल करने की कोशिश की गई, जबकि वे घटना के समय वहां मौजूद नहीं थे।फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।