शहडोल।
नगर पालिका परिषद शहडोल पर सफाई कर्मचारियों के शोषण के गंभीर आरोप लगे हैं। अपनी मांगों को लेकर मजबूर हुए सफाई मित्र हड़ताल पर बैठ गए हैं। भारतीय सफाई मजदूर संघ द्वारा तीन दिन पूर्व नगर पालिका प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें मांगें पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद के सीएमओ, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना, जिसके चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से नगर पालिका में कार्यरत हैं, बावजूद इसके उन्हें न तो आज तक नियमित किया गया और न ही समय पर वेतन दिया जाता है। साथ ही, लंबे समय से लंबित एरियर का भुगतान भी नहीं किया गया है।सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जिन कार्यों में भ्रष्टाचार की संभावना होती है, उनके लिए नगर पालिका के पास बजट उपलब्ध रहता है, लेकिन गरीब सफाई मजदूरों के वेतन और एरियर भुगतान के लिए फंड नहीं होने की बात कही जाती है।भारतीय सफाई मजदूर संघ के नेतृत्व में सफाई मित्रों और उनके परिजनों ने रैली निकालकर शहडोल शहर के जनप्रतिनिधियों के घर-घर जाकर अपनी समस्याएं रखीं और विरोध दर्ज कराया।
जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह के हस्तक्षेप के बाद नगर पालिका अध्यक्ष और अधिकारियों ने बैठक प्रस्तावित करने की बात कही है।इस आंदोलन को नगर पालिका परिषद शहडोल के कुछ पार्षदों का भी समर्थन मिल चुका है। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि नगर पालिका में नियमितीकरण के नाम पर पैसे लिए जाते हैं और आज तक कोई गरीब सफाई मित्र स्थायी नहीं हुआ, जबकि सक्षम लोग नियमित कर दिए गए।