ग्वालियर/टेकनपुर। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आरजेआईटी टेकनपुर परिसर उस समय विचारों की प्रयोगशाला में परिवर्तित हो गया, जब अपराह्न 3 बजे से वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक अकादमिक गतिविधि नहीं था, बल्कि स्वामी विवेकानंद के अमर संदेश— “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्त करो”—को युवाओं के जीवन से जोड़ने का सशक्त प्रयास था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी कृष्णामृतानंद महाराज, सचिव, रामकृष्ण आश्रम ग्वालियर, ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के भारत को तर्कशील, साहसी और चरित्रवान युवाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। उनके प्रेरक उद्बोधन ने सभागार को सकारात्मक ऊर्जा और आत्मचिंतन से भर दिया।प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने सामाजिक, राष्ट्रीय और वैचारिक विषयों पर अपनी स्पष्ट सोच, तार्किक क्षमता और प्रभावशाली प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में जयवर्धन सिंह राठौर ने उत्कृष्ट तर्कों और संतुलित प्रस्तुति के बल पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में सूर्य प्रकाश ने ओजस्वी वक्तृत्व और भावनात्मक अभिव्यक्ति से शीर्ष स्थान हासिल किया।कार्यक्रम का कुशल समन्वय डॉ. यू.एस. शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं एनएसएस समन्वयक, आरजेआईटी, द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. योगिता वर्मा एवं प्रो. भावेश रोहिरा ने निष्पक्ष और विद्वत्तापूर्ण मूल्यांकन कर प्रतियोगिता की गरिमा को बनाए रखा।समापन अवसर पर मुख्य अतिथि स्वामी कृष्णामृतानंद महाराज एवं संस्थान के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार जैन ने विजेताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम प्रेरणा, उत्साह और राष्ट्रबोध के वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने युवाओं के मन में विवेकानंद के विचारों की मशाल को और अधिक प्रज्ज्वलित कर दिया।