भोपाल। मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने आगामी शैक्षणिक सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए एक अहम प्रशासनिक निर्णय लिया है। विभाग ने तय किया है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया अप्रैल माह के अंत तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि नए सत्र में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो।इस बार शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही मार्च–अप्रैल में तबादला प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जाएगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलते ही शिक्षकों की कमी न रहे और बीच सत्र में तबादलों से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन होगी।

पहले समायोजन, फिर तबादला प्रक्रिया

पिछले वर्ष मई से जुलाई के बीच चली तबादला प्रक्रिया के कारण कई स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हुई थी। उस दौरान लगभग 30 हजार शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन केवल करीब पांच हजार शिक्षकों के ही तबादले हो पाए। इसका मुख्य कारण शिक्षा पोर्टल पर रिक्त पदों की सही जानकारी अपडेट न होना था।एमपी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर ने मांग की है कि शिक्षा पोर्टल को पहले पूरी तरह अपडेट किया जाए और अतिशेष शिक्षकों का समायोजन करने के बाद ही तबादला प्रक्रिया शुरू की जाए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग चार लाख शिक्षक पदस्थ हैं।

इन वर्गों को मिलेगी प्राथमिकता

इस वर्ष की तबादला नीति में दो वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों के आवेदनों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उन्हें गृह क्षेत्र के आसपास पदस्थ किया जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग जिलों में पदस्थ शिक्षक दंपतियों को परिवार के साथ रहने की सुविधा देने के लिए पहली प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरण का लाभ दिया जाएगा।

शैक्षणिक कैलेंडर रहेगा प्रभावित नहीं

अक्सर अगस्त या सितंबर में तबादले होने से स्कूलों की समय-सारणी प्रभावित होती है। अप्रैल में प्रक्रिया पूरी होने से शिक्षकों को ग्रीष्म अवकाश के दौरान नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने और स्कूल की व्यवस्थाओं को समझने का पर्याप्त समय मिलेगा।स्कूल शिक्षा विभाग के उपसचिव कमल सोलंकी ने कहा कि इस बार शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में पढ़ाई प्रभावित न हो।