ग्वालियर। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर ग्वालियर स्थित रुस्तमजी प्रौद्योगिकी संस्थान एवं सीमा सुरक्षा बल अकादमी परिसर में युवाओं की जागरूकता और राष्ट्रप्रेम का प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर “स्वदेशी के लिए दौड़” का आयोजन किया गया, जिसने आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रनिर्माण के प्रति युवाओं की सोच को सशक्त किया।यह दौड़ सीमा सुरक्षा बल अकादमी के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर संस्थान परिसर तक संपन्न हुई। इसमें विद्यार्थियों, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों तथा संस्थान के कर्मचारियों ने उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ भाग लिया। आयोजन के दौरान स्वदेशी अपनाने, राष्ट्रहित में सोचने और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का संदेश प्रमुख रूप से उभरा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं के जीवन से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा की भावना से ही युवा सशक्त बनता है और देश को प्रगति की दिशा देता है।संस्थान के प्राचार्य डॉ. प्रशांत कुमार जैन ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता और वैचारिक दृढ़ता को मजबूती मिलती है। वहीं कमांडेंट एवं विशेष कार्याधिकारी मनीष चंद्र ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक ऊर्जा है। स्वदेशी सोच, अनुशासन और बौद्धिक जागरूकता के माध्यम से ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।