अमरपाटन।
आंग्ल नववर्ष के शुभ प्रभात पर अमरपाटन नगर स्थित प्राचीन नरसिंह मंदिर गुरु भक्ति, श्रद्धा और आस्था के अलौकिक रंग में रंगा नजर आया। इस पावन अवसर पर परम पूज्य अनंत श्री विभूषित श्रीमद् जगतगुरु श्री रोहणीश्वर प्रपन्नाचार्य जी महाराज की दिव्य चरण पूजा का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें शिष्य परिवार ने गुरु चरणों में नमन कर नववर्ष का मंगलारंभ किया।इस आध्यात्मिक आयोजन में जगतगुरु श्री पूज्य श्री देवप्रवर प्रपन्नाचार्य जी महाराज की पावन उपस्थिति ने वातावरण को और अधिक दिव्य एवं ऊर्जावान बना दिया। गुरु महिमा का स्मरण करते हुए शिष्य परिवार द्वारा सामूहिक रूप से गुरु मंत्रों का उच्चारण किया गया—

“अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन शलाकया।
चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”

मंत्रोच्चार, भजनों की मधुर धारा और जयघोषों से संपूर्ण मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति के सागर में परिवर्तित हो गया।चरण पूजा के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में शिष्य परिवार एवं श्रद्धालुओं ने गुरु कृपा रूपी प्रसाद ग्रहण किया। सेवा भाव में लगे शिष्यों ने इसे केवल भंडारा नहीं, बल्कि गुरु सेवा का पर्व बताया।इस पावन अवसर पर लाला ताम्रकार, आशु त्रिपाठी, बबलू महाराज, उत्तम पाण्डेय, चन्द्र प्रकाश पाण्डेय, विनय शुक्ला, भरत चतुर्वेदी सहित अनेक श्रद्धालु, शिष्यगण एवं नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि गुरु के चरण ही जीवन के सच्चे पथ प्रदर्शक होते हैं, और आंग्ल नववर्ष पर गुरु स्मरण के साथ किया गया यह आयोजन समाज को संस्कार, समर्पण और सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। श्रद्धालुओं ने आयोजन को आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण और अविस्मरणीय बताया।