वृंदावन (मथुरा)।
वृंदावन में एक बार फिर साधु-संतों के नाम पर विवाद सामने आया है। कांग्रेस से जुड़े नेता तुलसी स्वामी ने संत प्रेमानंद महाराज के शिष्यों पर अभद्रता और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि उनके साथ न केवल गाली-गलौज की गई, बल्कि मारपीट कर उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।तुलसी स्वामी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब वह अपने भाई की मदद के लिए संबंधित बिल्डिंग में पहुंचे थे। उनके भाई उसी इमारत में रहते हैं और किसी कार्य को लेकर सहयोग के लिए वे वहां गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने, जो खुद को प्रेमानंद महाराज का शिष्य बता रहे थे, उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।पीड़ित का कहना है कि आरोपितों ने खुलेआम गाली-गलौज करते हुए कहा, “मारो साले को, कोई भी हो”, और इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया, जिसे करीब दो घंटे बाद काफी प्रयास के बाद वापस किया गया।तुलसी स्वामी ने आरोप लगाया कि यह पहली घटना नहीं है। उनके मुताबिक संबंधित लोग आए दिन आम नागरिकों, मीडिया कर्मियों और यहां तक कि पुलिस अधिकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी पुलिस विभाग के अधिकारी पांडे जी और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ इसी तरह की बदसलूकी की जा चुकी है।पीड़ित ने कहा कि संत की चोली में इस तरह का व्यवहार समाज के लिए गलत संदेश देता है और धार्मिक पहचान की आड़ में कानून को हाथ में लेना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि वृंदावन जैसे धार्मिक और आस्था के केंद्र में इस तरह की घटनाएं उसकी छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। वहीं पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना का वीडियो और पीड़ित की बाइट सामने आने के बाद मामला चर्चा में बना हुआ है।