भीलवाड़ा में कांग्रेस ने शुरू किया 45 दिवसीय “मनरेगा बचाओ संग्राम 12 जनवरी से उपवास और सड़क पर आंदोलन
भीलवाड़ा। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना में किए गए बदलावों और नाम परिवर्तन के विरोध में कांग्रेस ने 45 दिवसीय आंदोलन की शुरुआत की है। इस आंदोलन को “मनरेगा बचाओ संग्राम” नाम दिया गया है। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता सड़कों, गांवों और चौपालों पर जाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे।शनिवार को भीलवाड़ा में देहात कांग्रेस की ओर से सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना मुख्य मुद्दा नहीं है, बल्कि योजना की मूल भावना और मजदूर वर्ग के अधिकारों को कमजोर करना सबसे बड़ी चिंता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीब और मेहनतकश वर्ग की आजीविका पर हमला कर रही है।जाट ने कहा कि मनरेगा योजना की फंडिंग का 40 फीसदी बोझ राज्यों पर डालना भी गैर वाजिब और संघवाद विरोधी कदम है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल किया जाए और मजदूर विरोधी बदलाव तुरंत वापस लिए जाएं।आंदोलन के तहत 12 जनवरी को उपवास रखा जाएगा। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर चौपालों पर चर्चा करेंगे और अंतिम चरण में जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा। जाट ने चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।नाम बदलने के मुद्दे पर जाट ने कहा कि केवल नाम बदलना समस्या नहीं है, लेकिन राम जी के नाम का उपयोग गरीबों और मजदूरों के हित के विपरीत निर्णयों के लिए स्वीकार्य नहीं है।इस मौके पर प्रशांत बेरवा, अक्षय त्रिपाठी, कैलाश व्यास, ओम नाराणीवाल, महेश सोनी सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

बिलासपुर से अयोध्या धाम के लिए स्पेशल ट्रेन रवाना, 850 तीर्थ यात्रियों को मिलेगा काशी-विश्वनाथ दर्शन का अवसर
उत्कृष्ट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से रोशन हो रहा प्रदेश का भविष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
धमतरी में ‘STREE’ परियोजना का शुभारंभ: 300 ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का नया रास्ता
केरल के मुख्य सचिव डॉ. ए. जयतिलक का छत्तीसगढ़ दौरा