नन्हे बच्चों और खाकी की मिसाल: जेवरों से भरा बैग सुरक्षित लौटाया, उज्जैन पुलिस की ईमानदारी की सराहना
उज्जैन में ईमानदारी और मानवता की एक मिसाल सामने आई है, जहां नन्हे बच्चों की समझदारी और उज्जैन पुलिस की तत्परता से एक महिला को उसका कीमती सामान सुरक्षित वापस मिल गया। यह घटना न सिर्फ बच्चों की संस्कारशील सोच को दर्शाती है, बल्कि पुलिस और आम नागरिकों के बीच भरोसे को भी मजबूत करती है। गुरुवार को उज्जैन के कोट मोहल्ला क्षेत्र में 8 से 10 साल के दो बच्चों को एक लावारिस बैग पड़ा मिला। बैग मिलने के बाद बच्चों ने बिना देर किए वहां मौजूद एक ई-रिक्शा चालक की मदद से हरी फाटक स्थित पुलिस चौकी पहुंचकर बैग पुलिस को सौंप दिया।पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो उसमें सोने की चेन, लॉकेट, कान के टॉप्स, चांदी की पायल, आधार कार्ड और करीब 4500 रुपये नकद मिले। दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और बैग की मालिक की पहचान नीलोफर पति जैद हुसैन (उम्र 24 वर्ष), निवासी शुजालपुर के रूप में की।पुलिस जांच में सामने आया कि नीलोफर उज्जैन अपने पीहर में गमी में शामिल होने आई थीं। लौटते समय ई-रिक्शा से उनका बैग गिर गया था। बैग खोने के बाद वे घबराई हुई हालत में रेलवे स्टेशन पहुंचकर ट्रेन में भी बैठ चुकी थीं। इसी दौरान पुलिस ने उनसे संपर्क किया और सूचना मिलते ही वे वापस उज्जैन लौटीं।थाने पहुंचकर जब महिला को उसका पूरा सामान सुरक्षित मिला तो उसने राहत की सांस ली और उज्जैन पुलिस व ईमानदार बच्चों का आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्य में एएसआई भागीरथ, प्रधान आरक्षक मनोज सिंह, पुलिस मित्र मिलन सोनी और संजय भैया की अहम भूमिका रही। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने नन्हे बच्चों की ईमानदारी की खुले दिल से सराहना की और पुलिस टीम के चारों सदस्यों को 500-500 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। साथ ही बच्चों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।

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