रीवा।
रीवा शहर में नगर निगम द्वारा कचरा परिवहन से जुड़े नियमों की गंभीर अनदेखी की जा रही है। शहर के विभिन्न वार्डों से एकत्र किया गया कचरा खुले ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली में ढके बिना डम्पिंग यार्ड तक पहुंचाया जा रहा है। नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि कचरा केवल बंद या पूरी तरह ढके वाहनों में ही ले जाया जाना चाहिए।

स्थानीय लोग और वाहन चालक रोजाना खुले वाहनों से ढोए जा रहे कचरे के कारण परेशान हैं। हाल ही में एक पत्रकार की कार के सामने उड़कर आई कचरे की पन्नी से बड़ा हादसा टल गया। चालक की सूझबूझ के कारण बड़ी दुर्घटना नहीं हुई, लेकिन यह घटना सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी है।

जब कचरा वाहन के चालक से पूछा गया तो उसने बेपरवाह जवाब दिया— “जब कुछ हो जाएगा तब देखा जाएगा, अभी तो कुछ हुआ नहीं।” वहीं जिम्मेदार अधिकारियों का बार-बार यही कहना कि कार्रवाई की जाएगी, अब तक इस समस्या पर कोई ठोस रोक नहीं लगी है।

मुख्य समस्या के पहलू:

  • नियमों का उल्लंघन: नगर परिषदों/पालिकाओं के लिए कचरा केवल ढके वाहनों में ले जाना अनिवार्य है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा।

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण: खुले कचरे से बदबू फैलती है, सड़क पर फैलता है और बीमारियों का कारण बन सकता है।

  • अधिकारियों की निष्क्रियता: लंबे समय से समस्या बनी हुई है और ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

  • खुले वाहन: ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे खुले वाहनों से कचरा ढके बिना ले जाया जा रहा है।

समाधान के सुझाव:

  • सख्त निगरानी: प्रशासन को कचरा परिवहन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

  • जुर्माना और कार्रवाई: नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाए।

  • जागरूकता: नागरिकों को इस समस्या पर सतर्क रहकर अधिकारियों से जवाबदेही तय करनी चाहिए।

नगर निगम की लापरवाही और नियमों की अनदेखी न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि शहर के स्वच्छता और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर डाल रही है।