मथुरा। जिले में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मथुरा पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि जिले में रोजाना दर्जनों लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे थे। ठग फोन कॉल, फर्जी लिंक, मैसेज और नकली ऐप्स के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई मिनटों में हड़प ले रहे थे। इसी को देखते हुए पुलिस ने साइबर अपराधियों की डिजिटल पहचान कर उनके नेटवर्क तक पहुंचने का व्यापक अभियान शुरू किया है।एसएसपी श्लोक कुमार ने जानकारी दी कि ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए जिले के सभी 21 थानों में बीटेक डिग्रीधारी उप निरीक्षकों को तैनात किया गया है। ये अधिकारी साइबर अपराध, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग में विशेष रूप से प्रशिक्षित हैं। जैसे ही किसी साइबर ठगी की सूचना मिलेगी, ये विशेषज्ञ तुरंत संबंधित मोबाइल नंबर को बंद कराने, बैंक खातों को फ्रीज कराने और ठगी की रकम को होल्ड कराने की कार्रवाई करेंगे, ताकि पीड़ित के पैसे सुरक्षित किए जा सकें।पुलिस ने हाल ही में गोवर्धन क्षेत्र के गांव देवसेरस, मुड़सेरस, मड़ौरा और नगला अकातिया में एक साथ बड़ी कार्रवाई की। इन गांवों से लंबे समय से साइबर ठगी से जुड़े लोगों की गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। अभियान के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की, पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की। कार्रवाई के बाद देवसेरस गांव में अस्थायी पुलिस चौकी भी स्थापित कर दी गई है, जिससे पूरे इलाके पर लगातार नजर रखी जा सके।एसएसपी श्लोक कुमार ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या लालच भरे मैसेज से सावधान रहें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।