सड़क पर सोने वालों को राहत, नगर निगम की गाड़ी पहुंचाएगी रैन बसेरों तक
मथुरा-वृंदावन।
कड़ाके की ठंड को देखते हुए नगर निगम ने शहर में सड़क पर सोने वाले गरीब और बेसहारा लोगों के लिए राहत योजना शुरू की है। “गरीब बेसहारों का सहारा – नगर निगम मथुरा-वृंदावन” थीम के तहत नगर निगम दिन-रात दो विशेष गाड़ियां चलाकर जरूरतमंदों को सुरक्षित रैन बसेरों तक पहुंचा रही है, ताकि वे ठंड से सुरक्षित रह सकें।इस कार्य की जिम्मेदारी नगर निगम की क्यूआर टीम (क्विक रिस्पांस टीम) को दी गई है। टीम के सदस्य शहर के अलग-अलग इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं और सड़क किनारे, फुटपाथों व खुले स्थानों पर सो रहे लोगों को रैन बसेरों तक ले जा रहे हैं। इससे पहले कई बेसहारा लोग आधार कार्ड या पहचान पत्र न होने के कारण रैन बसेरों तक नहीं पहुंच पाते थे और मजबूरी में सड़क पर ही ठंड में सोते थे। इस बार नगर निगम ने बिना किसी जटिल प्रक्रिया के रैन बसेरों में ठहरने की व्यवस्था की है।नगर निगम ने इस सर्दी के मौसम में कुल 13 रैन बसेरों की व्यवस्था की है, जिनमें 5 स्थायी और 8 अस्थायी रैन बसेरे शामिल हैं। खास बात यह है कि टेंट की जगह इस बार टीन शेड से बने हाईटेक रैन बसेरे तैयार किए गए हैं, जो ठंड से बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं।इन रैन बसेरों में आने वाले लोगों के लिए कई सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें फ्री खाना, फ्री वाई-फाई, चेंजिंग रूम, लॉकर, साफ-सुथरे वॉशरूम और पीने के पानी की सुविधा शामिल है। नगर निगम का प्रयास है कि यहां आने वाले लोग सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में रहें।इस व्यवस्था को लेकर नगर निगम अधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें ठंड से बचाव के उपायों की समीक्षा की गई और क्यूआर टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि कोई भी बेसहारा व्यक्ति ठंड में खुले में न सोए।सहायक नगर आयुक्त राकेश त्यागी ने बताया कि नगर निगम पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रहा है और जरूरतमंदों को हर संभव मदद दी जाएगी। यह पहल उन लोगों के लिए राहत भरी खबर है, जिनके पास सिर छिपाने के लिए कोई ठिकाना नहीं है।

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