नागदा के उन्हेल थाना क्षेत्र में बीएसएनएल द्वारा पाइपलाइन बिछाने के दौरान ठेकेदार की गंभीर लापरवाही एक किसान की जान ले बैठी। यह दर्दनाक मामला खाचरोद तहसील अंतर्गत ग्राम नागझिरी का है, जहां 50 वर्षीय किसान रमेश पिता घासी की सड़क पर बिना सुरक्षा के खोदे गए गड्ढे में गिरने से मौत हो गई।जानकारी के अनुसार बीते कुछ दिनों से बीएसएनएल की पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। इस दौरान ठेकेदार द्वारा जगह-जगह गड्ढे खोद दिए गए, लेकिन न तो कोई बेरिकेडिंग की गई और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए। ग्रामीणों ने कई बार ठेकेदार को इस लापरवाही से अवगत कराया, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया।घटना के दिन किसान रमेश अपने साले और एक अन्य व्यक्ति के साथ अपनी मटर की फसल बेचकर शाम करीब 7 बजे उन्हेल मंडी से गांव लौट रहा था। अंधेरा होने के कारण रास्ते में बिना सुरक्षा के खोदे गए गड्ढे नजर नहीं आए और रमेश अपनी बाइक सहित गड्ढे में गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।ग्रामीणों की मदद से घायल किसान को नागदा के जनसेवा अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे उज्जैन रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही रमेश ने दम तोड़ दिया।मृतक के परिजन जब शिकायत लेकर उन्हेल थाना पहुंचे तो आरोप है कि ठेकेदार की राजनीतिक पहुंच और पैसे के दबाव के चलते पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद परिजनों ने मीडिया से न्याय की गुहार लगाई। मीडिया के मौके पर पहुंचने और थाने में दबाव बनने के बाद मामला दर्ज किया गया और पटवारी द्वारा पंचनामा तैयार किया गया।

ठेकेदार ने मीडिया को गुमराह करने की कोशिश

जब मीडिया ने ठेकेदार से लापरवाही को लेकर सवाल किए तो उसने गड्ढे को अपना बताने से इंकार करते हुए दावा किया कि गड्ढे किसानों द्वारा खोदे गए हैं। हालांकि मीडिया ने गांव पहुंचकर जांच की तो सामने आया कि कई गड्ढे घटना के बाद जल्दबाजी में भर दिए गए थे, जिससे ठेकेदार की पोल खुल गई।

पहले भी हो चुका है हादसा

ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इसी पाइपलाइन के गड्ढे में गिरकर एक अन्य किसान ने अपना हाथ गंवा दिया था, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार ने कोई सबक नहीं लिया। लगातार लापरवाही का नतीजा एक किसान की मौत के रूप में सामने आया।

न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी

घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। किसानों और ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मृतक किसान को न्याय नहीं मिला और दोषी ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।अब देखना यह होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवार को कब तक न्याय दिलाता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करता है।