मोहन बड़ोदिया। नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन भव्य, अनुशासित और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात भजन कलाकारों ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर पूरे पंडाल को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।सम्मेलन से पूर्व नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत माता के जयघोष और धार्मिक नारों से नगर का वातावरण आध्यात्मिक उल्लास और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया।सम्मेलन को संबोधित करते हुए सुश्री कविता नागर ने कहा कि दुनिया में ऐसा कोई अन्य देश नहीं है, जिसके नाम के साथ “मां” जुड़ा हो, लेकिन हमारे देश के साथ “भारत माता” का गौरव जुड़ा है। उन्होंने कहा कि हम किसी जाति विशेष के नहीं, बल्कि सनातनी हैं और हमें अपने हिंदू होने पर गर्व होना चाहिए।महामंडलेश्वर रघुनाथदास जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश के कई राज्यों में हिंदू समाज अल्पसंख्यक होता जा रहा है। बिखरा हुआ समाज न तो स्वयं की रक्षा कर सकता है और न ही राष्ट्र की। उन्होंने समाज से एकजुट होकर सनातन धर्म की सेवा और संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया।कार्यक्रम में श्रीराम जी लोधी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से निरंतर राष्ट्र सेवा के कार्य में संलग्न है और समाज को संगठित व सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है।सम्मेलन के दौरान सांदीपनी विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा जैविक खेती पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। इस प्रस्तुति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक खेती का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समापन सभी सहभागियों द्वारा एक पंगत में बैठकर समरसता भोज के साथ किया गया। भारत माता की आरती के पश्चात कमल रूपरिया ने आयोजन समिति की ओर से सभी अतिथियों, संतों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।