नागदा को जिला बनाने का लंबित प्रस्ताव मंत्री परिषद् में पास किया जाए: पूर्व विधायक गुर्जर
नागदा : नागदा को जिला बनाए जाने संबंधी लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को तत्काल मंत्री परिषद् में पारित कर जिला घोषित करने की मांग पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से की है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया है।पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि आगामी समय में जनगणना के कारण प्रशासनिक प्रतिबंध लागू होने वाले हैं, ऐसे में इससे पहले नागदा को जिला बनाए जाने का प्रस्ताव मंत्री परिषद् में पास किया जाना आवश्यक है। उन्होंने आग्रह किया कि दिसंबर 2025 समाप्त होने से पूर्व यह प्रस्ताव पारित किया जाए।उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा नागदा को जिला बनाने की तीन बार सार्वजनिक घोषणा की जा चुकी है, जिसमें 20 जुलाई 2023 की घोषणा के समय वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं मंत्री के रूप में मंच पर उपस्थित थे। ऐसे में भाजपा सरकार की इन घोषणाओं को क्रियान्वित करना वर्तमान मुख्यमंत्री का दायित्व है।पूर्व विधायक गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार की जिला घोषणा पर विश्वास जताते हुए ही क्षेत्र की जनता ने भाजपा प्रत्याशी तेजबहादुरसिंह चौहान को विधायक के रूप में चुना है। यदि घोषित निर्णयों को लागू नहीं किया गया, तो इससे जनता के विश्वास को गहरा आघात पहुंचेगा।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश दिसंबर माह में मंत्री परिषद् से प्रस्ताव पारित नहीं हो पाता है, तो जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित उद्घाटन एवं भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को सार्वजनिक मंच से चौथी बार यह स्पष्ट घोषणा करनी चाहिए कि जनगणना पूर्ण होने के बाद नागदा को जिला बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र में व्याप्त असमंजस दूर होगा, पलायन रुकेगा और विकास की नई उम्मीद जगेगी।पूर्व विधायक गुर्जर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में संभाग, जिला एवं तहसील सीमाओं के पुनर्गठन के लिए गठित आयोग को लगभग 21 माह हो चुके हैं, लेकिन अब तक उज्जैन जिले का दौरा नहीं किया गया है, जबकि शासन द्वारा यह आयोग 12 मार्च 2024 को गठित किया गया था।उन्होंने कहा कि नागदा को जिला बनाने के लिए शासन द्वारा 28 जुलाई 2023 को गजट अधिसूचना जारी कर सीमाओं का निर्धारण पहले ही किया जा चुका है। साथ ही कलेक्टर उज्जैन एवं रतलाम द्वारा दावे-आपत्तियों का निराकरण कर जिला निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। ऐसे में पुनर्गठन आयोग की अधिसूचना नागदा जिला निर्माण प्रक्रिया पर विधिक रूप से लागू नहीं होती, जिसे लेकर उच्च न्यायालयों एवं सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्णय भी मौजूद हैं।पूर्व विधायक गुर्जर ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद पुनर्गठन आयोग का हवाला देकर नागदा को जिला बनाने के प्रस्ताव को जानबूझकर रोका जा रहा है, जिससे क्षेत्र की जनता में आक्रोश और निराशा का माहौल बन रहा है।अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि नागदा जिले की वर्षों पुरानी और न्यायोचित मांग को शीघ्र पूर्ण कर क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाए।

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