नागदा जं./खाचरौद: नागदा–खाचरौद क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर खाचरौद में अनुविभागीय अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने मतदाता सूची में पाई गई गंभीर त्रुटियों और प्रशासनिक खामियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए लिखित आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत किए।कांग्रेस प्रतिनिधियों ने बताया कि कई मतदान केंद्रों पर एक ही परिवार के मतदाताओं के नाम अलग-अलग स्थानों पर दर्ज किए गए हैं, जिससे मतदाताओं को नाम खोजने में परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि परिवार के सभी मतदाताओं के नाम एक साथ और क्रमवार दर्ज किए जाएं।बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि एक ही परिवार के मतदाताओं की गृह संख्या अलग-अलग दर्ज की गई है, जबकि नगर पालिका और ग्राम पंचायत के अधिकृत मकान नंबर उपलब्ध हैं। इससे बीएलओ और मतदाताओं दोनों में भ्रम की स्थिति बन रही है। कांग्रेस ने गृह संख्या को अधिकृत रिकॉर्ड के अनुसार संशोधित करने की मांग की।प्रतिनिधि मंडल ने आपत्ति जताई कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं से केवल सरनेम जोड़ने के आधार पर दोबारा दस्तावेज मांगे जा रहे हैं और दस्तावेज न देने पर नाम हटाने का दबाव बनाया जा रहा है, जो निर्वाचन नियमावली 1960 और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है।इसके अलावा, जिन मतदाताओं के नाम 2003 की सूची में नहीं थे और जिनकी अब तक मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें कोई लिखित नोटिस नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए। बिना नोटिस के नाम विलोपित किए जाने की आशंका को प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध बताया गया।कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने ड्राफ्ट मतदाता सूची की सभी त्रुटियों के तत्काल सुधार, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और बिना विधिसम्मत प्रक्रिया किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटाने की मांग की। साथ ही संपूर्ण पुनरीक्षण प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराने पर जोर दिया गया।बैठक में मौजूद कांग्रेस नेताओं अनोखीलाल सोलंकी, लोकेश चौहान, राधेश्याम चन्द्रवंशी, बिरमसिंह गुर्जर, रवि शर्मा, पुष्कर पाटीदार, अम्बाराम पाटीदार, विकास शर्मा, नमित वनवट, देवीसिंह चन्द्रवंशी, सत्यनारायण पाटीदार, लखन गौहर और अशोक मीणा ने इन सभी बिंदुओं को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी उज्जैन तथा रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नागदा-खाचरौद को लिखित रूप में सौंपा। इसकी प्रतिलिपि भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल और मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी को भी भेजी गई है।