मथुरा। नेशनल हाईवे–19 स्थित अकबरपुर में एसकेएस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में रविवार को ‘जिज्ञासा-2.0 2025’ के अंतर्गत आयुष-प्रमेह राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक पुष्प-सज्जा और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भव्यता और बढ़ गई।सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए आयुर्वेद विशेषज्ञ, शिक्षाविद और शोधकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि और विशिष्ट वक्ताओं ने प्रमेह (मधुमेह) के आयुर्वेदिक उपचार, आधुनिक शोध निष्कर्षों और समग्र जीवनशैली के महत्व पर अपने विचार साझा किए।सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से और अधिक सशक्त बनाना और छात्रों एवं चिकित्सकों को नवीनतम शोध से जोड़ना रहा। इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक सत्रों और संवादात्मक चर्चाओं का आयोजन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ प्राप्त हुआ।एसकेएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सोहन सैनी ने जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को केवल एलोपैथी पर निर्भर न रहकर आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की ओर भी रुख करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद रोगों का जड़ से उपचार करता है और इसके दुष्प्रभाव न्यूनतम होते हैं।