रीवा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के रीवा जिले के दौरे के दौरान बसामन मामा गोधाम का निरीक्षण किया और इसे प्राकृतिक खेती व गौ-संरक्षण का उत्कृष्ट मॉडल बताया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल भूमि की उर्वरता बनी रहेगी, बल्कि आमजन का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। अमित शाह ने कहा कि केमिकल खेती के दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं और इससे गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं, इसलिए समय आ गया है कि किसान प्राकृतिक खेती की ओर लौटें।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने सबसे पहले ग्वालियर में ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ का उद्घाटन किया, जहां दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया। इसके बाद वे शाम को रीवा पहुंचे और 52 एकड़ में फैले बसामन मामा गोधाम का अवलोकन किया, जहां 9 हजार से अधिक गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। यहां गोबर और गोमूत्र से जैविक खाद, गो-काष्ठ और अन्य गौ-आधारित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।अमित शाह ने कहा कि यदि बसामन मामा गोधाम की व्यवस्था को योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए तो विंध्य क्षेत्र के किसानों की आय में डेढ़ गुना तक वृद्धि संभव है। उन्होंने बताया कि एक देशी गाय के गोबर और गोमूत्र से लगभग 21 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा और इस दौरान प्राकृतिक खेती को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने स्वयं के खेत में प्राकृतिक खेती का प्रयोग करने का अनुभव भी साझा किया।पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए अमित शाह ने प्रत्येक नागरिक से कम से कम पांच पीपल के पेड़ लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पीपल का पेड़ सबसे अधिक ऑक्सीजन देता है और इसे कोई काटता भी नहीं, जिससे यह पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद उपयोगी है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर ही हम आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।इस अवसर पर अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्हें रीवा से विशेष लगाव था और वे बघेली भाषा से बहुत प्रेम करते थे। अटल जी जैसा व्यक्तित्व विरले ही मिलता है, जो जो सोचता था, वही करके दिखाता था।उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि बसामन मामा गौशाला से जुड़े लगभग पांच हजार किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से यहां गौ-आधारित उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। आसपास के करीब 50 गांवों में ‘एक एकड़-एक मौसम’ के सिद्धांत पर खेती की जा रही है, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त हो रही है।इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, प्रभारी मंत्री प्रहलाद पटेल सहित कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।