भोपाल। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, उपभोक्ता संरक्षण, किसान हित और गैस आपूर्ति में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तकनीक आधारित निगरानी को प्राथमिकता दी गई।मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश के 5 करोड़ 25 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग 22,800 करोड़ रुपये मूल्य का नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम लागू किया गया, जिसमें लाभार्थियों को एसएमएस के माध्यम से राशन आगमन और वितरण की जानकारी दी जा रही है।ई-केवाईसी प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पिछले दो वर्षों में लगभग 1 करोड़ 70 लाख लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण हुआ। अब तक कुल 4 करोड़ 97 लाख लाभार्थियों का ई-केवाईसी हो चुका है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, 80 वर्ष से अधिक वृद्धों और दिव्यांगों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है।वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना के तहत प्रतिमाह औसतन 39,000 परिवार अन्य राज्यों में और लगभग 6,000 परिवार मध्यप्रदेश में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। आपका राशन आपके द्वार योजना के माध्यम से दूरदराज के 89 गांवों में घर-घर राशन पहुँचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना में वाहनों में GPS सिस्टम स्थापित कर राज्य स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है।एलपीजी आपूर्ति के क्षेत्र में उज्ज्वला और गैर-उज्ज्वला योजनाओं के अंतर्गत 6 करोड़ 17 लाख गैस रिफिल कराई गईं, जिसमें 911 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। शहरी क्षेत्रों में गैस पाइप नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।वेयरहाउसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन मोबाइल ऐप विकसित किए गए हैं, जिनसे अनाज भंडारण की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। समर्थन मूल्य पर लगभग 28 लाख किसानों से गेहूं और धान खरीदा गया और 51,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।नाप-तौल विभाग द्वारा सत्यापन एवं निरीक्षण से 49 करोड़ 14 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया। उपभोक्ता विवादों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करने के लिए उपभोक्ता आयोगों का कंप्यूटरीकरण किया गया, जिससे दो वर्षों में 3 लाख 7 हजार से अधिक प्रकरणों का निपटारा हुआ।आगामी योजनाओं में राशन दुकानों को मुख्यमंत्री पोषण मार्ट के रूप में विकसित करना, सॉफ्टवेयर सिस्टम का एकीकरण, उन्नत तकनीक से राशन वितरण और सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में राशन और गैस आपूर्ति की विस्तृत व्यवस्था शामिल है।सिंहस्थ मेले में राशन सामग्री को जोन और सेक्टर में बांटा जाएगा। गोदामों की स्थापना सेक्टर और जोनवार की जाएगी। मेले के लिए आवश्यकतानुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे और वितरण की निगरानी CCTV कैमरों से की जाएगी। एलपीजी के लिए सेक्टरवार काउंटर और अखाड़ों को अस्थायी गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।